लातूर जिले के चाकूर परिसर में घटी एक अत्यंत स्तब्ध करने वाली और हृदयविदारक घटना ने संपूर्ण क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। दो मासूम नाबालिग बच्चों के अचानक लापता होने से उत्पन्न हुई चिंता महज कुछ ही घंटों में एक अत्यंत दुखद वास्तविकता में परिवर्तित हो गई। इन दोनों लापता मासूमों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि सौभाग्यवश दूसरा बच्चा सकुशल मिल गया है, जिससे थोड़ी राहत की सांस ली गई है।


दिनांक १९ अप्रैल २०२६ को सुबह लगभग सात बजे चाकूर स्थित पुराने महादेव मंदिर गली परिसर निवासी साईचरण दिनेश स्वामी (उम्र १० वर्ष) और देवंश मंगेश स्वामी (उम्र ७ वर्ष) नामक दो छोटे बच्चे बिना किसी को कुछ बताए घर से बाहर निकल गए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी और उन्होंने दोपहर लगभग एक बजे पुलिस प्रशासन की शरण ली। जानकारी मिलते ही चाकूर पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक श्री बालाजी भांडे ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर सघन खोजबीन अभियान आरंभ किया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस ने तीव्र गति से कदम उठाए और विभिन्न दल गठित कर खोज अभियान को तेज कर दिया।


इसी बीच, दोपहर लगभग २:१० बजे एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया। लापता बच्चों में से देवंश मंगेश स्वामी नामक मासूम चाकूर-उजलंब मार्ग के किनारे एक खुली जगह में मृत अवस्था में पाया गया। इस समाचार के फैलते ही पूरे परिसर में हाहाकार मच गया। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा किया और शव को आगे की जांच के लिए शासकीय अस्पताल भेज दिया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दौरान, दूसरे बच्चे की तलाश लगातार जारी रही। अंततः पुलिस के अथक प्रयासों को सफलता मिली और साईचरण दिनेश स्वामी नामक बालक सकुशल अवस्था में मिल गया। वर्तमान में वह पुलिस की सुरक्षा में है और पूरी तरह से सुरक्षित है। इस सफल खोज अभियान से परिजनों को बहुत बड़ी राहत मिली है।


इस संपूर्ण घटना की जानकारी प्राप्त होते ही पुलिस अधीक्षक श्री अमोल तांबे, अपर पुलिस अधीक्षक श्री मंगेश चव्हाण और उपविभागीय पुलिस अधिकारी श्री चौधर ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। उनके कुशल मार्गदर्शन में चार विशेष दल गठित कर खोज कार्य को अत्यंत तीव्र गति से अंजाम दिया गया। इस प्रकरण की जांच अत्यंत सूक्ष्मता से की जा रही है और फोरेंसिक विशेषज्ञों तथा श्वान दल की सहायता से विभिन्न दिशाओं में सुराग तलाशे जा रहे हैं। मृत्यु का सटीक कारण खोजने के साथ-साथ इस हृदयविदारक घटना के पीछे छिपे अज्ञात व्यक्ति की तलाश करना पुलिस के समक्ष एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।


लातूर जिला पुलिस प्रशासन इस घटना को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ देख रहा है और सभी संबंधित तंत्रों को सतर्क कर दिया गया है। पुलिस द्वारा नागरिकों से यह विशेष अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें, जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करें और कोई भी संदिग्ध जानकारी मिलने पर तत्काल सूचित करें। यह घटना हर व्यक्ति के मन को गहरी ठेस पहुंचाने वाली है और मासूम बचपन पर मंडराए इस संकट ने पूरे समाज के समक्ष कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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