शहर में हाल ही में एक डॉक्टर जोड़े का तलाक मामला चर्चा में आया है, जिसने केवल 18 माह की शादी के बाद अलग होने का फैसला किया। यह शादी प्रेम विवाह के तहत हुई थी, लेकिन पहले ही दिन दुल्हन को यह पता चला कि उसके पति का काम अक्सर छह महीने की समुद्री यात्रा पर निर्भर करता है और उसे इसके लिए अलर्ट समय कम मिलता है। इसी कारण विवाह के पहले ही दिन से दंपत्ति के बीच मतभेद शुरू हो गए।

शादी के बाद अलग रहने की अवधि 1.5 साल से अधिक हो गई। इस दौरान कई पारिवारिक सुलह प्रयास किए गए, लेकिन गहरी वैचारिक और व्यावसायिक मतभेदों के चलते कोई समाधान नहीं निकला। अंततः दंपत्ति ने 3 दिसंबर को पुणे फैमिली कोर्ट में आपसी सहमति से तलाक के लिए आवेदन दायर किया।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश बी.डी. कदम ने 10 दिसंबर को यह तलाक मंजूर कर दिया। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत छह महीने की कूलिंग-ऑफ अवधि को रद्द कर दिया, क्योंकि दंपत्ति लंबे समय से अलग रह रहे थे और पति की कार्यस्थलीय प्रतिबद्धताएं अत्यंत जरूरी थीं। यह मामला शांतिपूर्ण रूप से निपटा और दोनों पक्षों के नाम गोपनीय रखे गए।

विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला आधुनिक शादियों में करियर और व्यक्तिगत जीवन के टकराव को उजागर करता है। पुणे में तलाक की दर में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, और यह घटना इसी प्रवृत्ति को रेखांकित करती है। यहां के वकीलों का कहना है कि प्रेम विवाह में भी करियर की मजबूरियों और कार्यस्थलीय प्रतिबद्धताओं के चलते दंपत्ति के बीच असहमति उत्पन्न हो सकती है, जो तलाक तक जा सकती है।

इस घटना ने समाज और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। यह उदाहरण यह दिखाता है कि आज के समय में विवाह केवल भावनाओं पर आधारित नहीं रह सकता; इसमें पेशेवर जिम्मेदारियां और जीवनशैली की समझ भी अहम भूमिका निभाती हैं। पुणे फैमिली कोर्ट का यह फैसला न केवल कानून के मानकों के अनुरूप था, बल्कि यह आधुनिक शादियों में व्यावसायिक दबावों और व्यक्तिगत इच्छाओं के संतुलन की चुनौती को भी उजागर करता है।

तलाक की इस प्रक्रिया का शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होना और दोनों पक्षों के नाम गोपनीय रखना कोर्ट की संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह घटना Pune के सामाजिक और कानूनी परिदृश्य में आधुनिक विवाह की जटिलताओं और बदलते समय की जरूरतों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गई है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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