बोरवडे विद्यालय में महात्मा गांधी जयंती पर सत्य, अहिंसा और स्वच्छता का संदेश
बोरवडे विद्यालय में महात्मा गांधी जयंती उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाई गई। विद्यार्थियों को गांधीजी के सत्य, अहिंसा, सादगी, स्वावलंबन और स्वच्छता के विचारों तथा स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान की जानकारी दी गई।

तस्वीर में बोरवडे विद्यालय, कोल्हापुर के परिसर में शिक्षक और विद्यार्थी महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष खड़े नजर आ रहे हैं.
कोल्हापुर : विजय मोरबाळे
बोरवडे स्थित बोरवडे विद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायी वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के जीवनकार्य, विचारों और देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत ज्येष्ठ शिक्षक पी. डी. वारके के हाथों महात्मा गांधी की प्रतिमा का पूजन कर हुई। उपस्थित लोगों ने गांधीजी की प्रतिमा को अभिवादन किया। कार्यक्रम का प्रास्ताविक ज्येष्ठ शिक्षक आर. पी. वारके ने किया। विद्यालय के मुख्याध्यापक जे. के. पाटील कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे।
मार्गदर्शन के दौरान वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, सादगी, स्वावलंबन और स्वच्छता के विचारों का महत्व बताया। गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग से देश के स्वतंत्रता संग्राम को दिशा दी। साथ ही समाज के वंचित वर्गों के लिए किए गए उनके कार्यों की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई।
विद्यार्थियों से गांधीजी के विचारों का अनुसरण करते हुए अनुशासन, स्वच्छता, ईमानदारी और सामाजिक प्रतिबद्धता को जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में ज्येष्ठ शिक्षिका बलूगडे मैडम के साथ विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
गांधी जयंती के अवसर पर विद्यालय परिसर में सकारात्मक और उत्साहपूर्ण वातावरण रहा। उपस्थित लोगों की सहभागिता के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
