मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से चली खींचतान के बाद सत्तारूढ़ महायुति के घटक दल भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने बड़े निर्णय पर सहमति व्यक्त की है। दोनों दल अब मुंबई, ठाणे और अन्य महानगर पालिकाओं में आगामी चुनाव महायुति गठबंधन के रूप में लड़ेंगे। यह जानकारी शिवसेना सूत्रों ने दी।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बैठक में इस निर्णय को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि दोनों दल एक-दूसरे के नेताओं या कार्यकर्ताओं को अपने पाले में शामिल नहीं करेंगे, ताकि गठबंधन की एकता बनी रहे।

इस बैठक का आयोजन नागपुर में भाजपा नेताओं चंद्रशेखर बावनकुले और रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी में किया गया। वर्तमान में राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र नागपुर में जारी है। शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि बैठक के दौरान मुंबई और ठाणे समेत पूरे महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के रूप में नगरपालिका चुनाव लड़ने पर सकारात्मक चर्चा हुई।

सूत्रों ने यह भी कहा कि अगले दो-तीन दिनों में स्थानीय स्तर पर सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं शुरू होंगी। शिंदे ने अपने विधायकों और मंत्रियों से कहा कि महायुति महापालिका और जिला परिषद चुनावों में पूर्ण रूप से एकजुट रहे और कोई ऐसा बयान न दें जिससे भाजपा, शिवसेना और राकांपा के बीच गठबंधन में तनाव उत्पन्न हो।

यह फैसला महायुति गठबंधन के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि स्थानीय निकाय चुनावों के पहले चरण में कई स्थानों पर गठबंधन के सहयोगी एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे, जिससे टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। अब दोनों दलों की ओर से साझा मंच पर चुनाव लड़ने से गठबंधन की स्थिति मजबूत होने की संभावना है।

इस सुलह के बाद, महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति गठबंधन की छवि और प्रभाव अगले चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है, खासकर मुंबई और ठाणे जैसे बड़े महानगरों में।

Pratahkal Bureau

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