लातूर पुलिस का बड़ा धमाका: 'नकली सोने' के जाल में फंसाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार!
लातूर में नकली सोने के बिस्किट के जरिए ठगी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर 9 लाख रुपये का माल जब्त किया है। गिरोह का मास्टरमाइंड संदीप जाधव फरार है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई और ठगों के काम करने के तरीके की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें यह विस्तृत रिपोर्ट।

लातूर: महाराष्ट्र के लातूर जिले में भोले-भाले नागरिकों की गाढ़ी कमाई और असली गहनों पर डाका डालने वाले एक बेहद शातिर और संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। लातूर स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने एक फिल्मी अंदाज में बिछाए गए जाल और अदम्य साहस का परिचय देते हुए इस ठग गिरोह की कमर तोड़ दी है। पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे के कुशल मार्गदर्शन में की गई इस बड़ी कार्रवाई में 5 आरोपियों को दबोचा गया है, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड संदीप दगडू जाधव फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान कुल 9 लाख 1 हजार रुपये का कीमती सामान बरामद किया है, जिसमें नकली सोने के बिस्किट और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन शामिल हैं।
यह शातिर गिरोह पिछले काफी समय से सक्रिय था और विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों तथा अकेले सफर करने वाले यात्रियों को अपना निशाना बनाता था। ठगी का तरीका बेहद अनोखा और झांसे भरा था; आरोपी नकली सोने के बिस्किट और अंगूठियां दिखाकर लोगों में 'असली सोने' का भ्रम पैदा करते थे। वे शिकार को झांसा देते थे कि यह सोना उन्हें रास्ते में पड़ा मिला है या वे इसे मजबूरी में बेहद सस्ते दाम पर बेच रहे हैं। जैसे ही कोई लालच में आता, आरोपी उनसे असली सोने के गहने और नकदी लेकर रफूचक्कर हो जाते थे। इस गिरोह का जाल न केवल लातूर बल्कि धाराशिव, नांदेड और परभणी जिलों तक फैला हुआ था।
इस बड़ी सफलता की पटकथा तब लिखी गई जब अपर पुलिस अधीक्षक मंगेश चव्हाण और स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक सुधाकर बावकर के नेतृत्व में विशेष टीमें संदिग्धों की तलाश में जुटी थीं। 13 जनवरी को गुप्तचरों से पुख्ता जानकारी मिली कि गरुड़ चौक से राजीव गांधी चौक रिंग रोड पर कुछ लोग टाटा इंडिगो कार और होंडा एक्टिवा स्कूटी के साथ किसी बड़ी ठगी की फिराक में खड़े हैं। शाम ठीक 5 बजे पुलिस टीम ने घेराबंदी की और मौके से पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अभिमान राजेंद्र कांबळे (25, निवासी तुपडी, निलंगा), धनंजय बालाजी गायकवाड (28, निवासी दगडवाडी, लातूर), बालाजी प्रशांत कांबळे (22, निवासी तुपडी, निलंगा), बालाजी विठ्ठल गायकवाड (54, निवासी भातखेडा, लातूर) और सचिन बालाजी गायकवाड (28, निवासी मेघराज नगर, शाहू चौक, लातूर) के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान इनके पास से 42 ग्राम असली सोने के गहने, नकदी, 16 नकली सोने के बिस्किट, 3 नकली अंगूठियां, एक टाटा इंडिगो कार (MH 23 Y 9222) और एक होंडा एक्टिवा स्कूटी (MH 24 BZ 9308) बरामद की गई। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सचिन बालाजी गायकवाड खुद एक सुनार है, जो नकली बिस्किट और गहने तैयार करता था। गिरोह का मुख्य सरगना संदीप दगडू जाधव (27, निवासी सलगरा, हाल मुकाम जठाळ कॉलोनी, लातूर) ठगी की पूरी योजना बनाता था और लूटा गया सारा माल उसी के पास जमा होता था। इन आरोपियों का संबंध उदगीर शहर, औसा, देवणी, शिवाजीनगर, उदगीर ग्रामीण और चाकूर में दर्ज कई संगीन मामलों से पाया गया है।
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में सहायक पुलिस निरीक्षक सदानंद भुजबळ, उप निरीक्षक अमर केंद्रे, राजेश घाडगे, प्रमोद देशमुख सहित पुलिस अमलदार साहेबराव हाके, रियाज सौदागर, राजेश कंचे, मोहन सुरवसे, युवराज गिरी, मनोज खोसे, आनंद हल्लाळे, प्रवीण कोळसुरे, सिद्धेश्वर मदने, जमीर शेख, राहुल कांबळे, प्रदीप चोपणे, व्यंकटेश निटुरे, संतोष खांडेकर, शैलेश सुडे और महिला पुलिस कर्मी सुरेखा मदने एवं अंजली गायकवाड शामिल थे। लातूर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा 'सस्ते सोने' के दिए गए प्रलोभन में न आएं और सतर्क रहें। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

Pratahkal Bureau
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