महिलाओं की आर्थिक ताकत बढ़ाने के लिए बचत के साथ निवेश जरूरी : प्रा. सुषमा पाटील
बिद्री के महिला मेले में प्रा. सुषमा पाटील ने बचत, निवेश और आर्थिक नियोजन से महिलाओं की आर्थिक ताकत बढ़ाने पर जोर दिया।

तस्वीर में महिला मेले के दौरान मंच पर बोलती हुई वक्ता दिख रही हैं।
बिद्री में श्री मौनी महाराज पतसंस्था की ओर से आयोजित महिला मेले में प्रसिद्ध व्याख्याता प्रा. सुषमा पाटील ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को परिवार की मजबूती से जोड़ते हुए बचत, निवेश और आर्थिक नियोजन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पैसा कितना है, इससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उसका समझदारी से उपयोग कैसे किया जाता है। बचत का उचित नियोजन, निवेश और उसे व्यवसाय में बदलने से महिलाओं की आर्थिक ताकत बढ़ती है। परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ उसे सक्षम बनाने के लिए आर्थिक आंदोलन को मजबूत करना जरूरी है।
बिद्री में श्री मौनी महाराज पतसंस्था की ओर से महिला मेले का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में प्रा. सुषमा पाटील ने मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की उपाध्यक्ष वैशाली वारके ने की।
प्रा. पाटील ने कहा कि परिवार के भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ बनाए रखने में महिलाओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। घर में आने वाले पैसों का उचित उपयोग, खर्च का नियोजन और मितव्ययिता में महिलाओं की भूमिका प्रभावी रहती है। आज किया गया छोटा-छोटा निवेश भविष्य में बड़ा आर्थिक सहारा बन सकता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को बचत के साथ निवेश, आर्थिक नियोजन और आर्थिक साक्षरता को भी गंभीरता से देखने की जरूरत है। महिलाओं द्वारा अपनी आर्थिक क्षमता विकसित कर बचत को व्यवसाय से जोड़ने पर परिवार की आय बढ़ने के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
मेले में संस्था की संचालिका कविता कांबळे, सानिका आरेकर, लता पाटील, सुनंदा परीट, स्मिता वर्णे, स्मिता परीट, सुविद्या खोत, साक्षी खोत, गितांजली महिंद और तेजस्विनी भोसले सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। कैशियर तेजस्विनी पाटील ने आभार व्यक्त किया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
