बिद्री (तालुका कागल) स्थित भारतमाता हाईस्कूल में अभियंता दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रभारी मुख्याध्यापक टी. आर. पाटील ने कहा कि देश के विकास में अभियंताओं का योगदान अनमोल है और अभियांत्रिकी केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि समाजसेवा का एक बड़ा अवसर है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए टी. आर. पाटील ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध महान भारतीय अभियंता भारतरत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या अफाट बुद्धिमत्ता से संपन्न व्यक्तित्व थे। विद्यार्थियों को उनके जीवन से मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और दूरदृष्टि जैसे गुण आत्मसात करने चाहिए।

इस अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में एम. जी. फराकटे उपस्थित रहे। आचार्य जावडेकर शिक्षाशास्त्र महाविद्यालय, गारगोटी के बी.एड. छात्राध्यापकों ने कार्यक्रम का संयोजन किया।

धनराज आमते ने अभियंता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारतरत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या के कार्य और देश के विकास में उनके योगदान की जानकारी दी।

कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रस्तावना रोहिणी कांबळे ने रखी। संचालन पूनम भास्कर ने किया, जबकि प्रतीक्षा मुसळे ने आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान भारतरत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या की प्रतिमा का पूजन प्रभारी मुख्याध्यापक टी. आर. पाटील, शिक्षकों और बी.एड. छात्राध्यापकों ने किया। अभियंता दिवस के आयोजन में उनके कार्य और आदर्शों को विद्यार्थियों के सामने रखा गया।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

Next Story