भडगाव: प्रकृति की अनियमितता से जूझकर फसल उगाने वाले बलिराजा को अब सरकारी तंत्र के लचर नियोजन का फटका लग रहा है। भडगाव स्थित शेतकरी संघ में ज्वारी खरीदी के लिए टोकन वितरण प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन इसका नियोजन इतना निकृष्ट था कि किसानों को शाब्दिक रूप से सड़क पर रात काटनी पड़ी।

प्रशासन की अनदेखी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार, 7 अप्रैल को दोपहर 12 बजे तक किसान भारी धूप में खड़े थे। हालांकि, शेतकरी संघ के एक भी जिम्मेदार अधिकारी ने इन कतारों के नियोजन के लिए पहल नहीं की। घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी टोकन मिलेगा या नहीं, इसकी कोई निश्चितता न होने के कारण किसानों में डर और गुस्से का माहौल था।

किसानों का रोष

"हम फसल उगाएं या इस तरह कतारें लगाएं?" यह सवाल संतप्त किसानों ने उपस्थित किया है। डिजिटल पोर्टल और ऑनलाइन प्रणाली के युग में यदि अभी भी टोकन के लिए 24-24 घंटे कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है, तो इस तंत्र का क्या उपयोग? इन शब्दों में किसानों ने प्रशासन का निषेध किया है। इस मामले की जांच होकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है।

Pratahkal Bureau

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