मुंबई। एशिया की सबसे बड़ी शहरी नवीनीकरण परियोजनाओं में शामिल बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना में एक महत्वपूर्ण पड़ाव आने जा रहा है। एन. एम. जोशी मार्ग-लोअर परेल (डिलाइल रोड) स्थित बीडीडी चॉल के 557 परिवारों को 6 नवंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों नए घरों की चाबियां सौंपी जाएंगी। वर्षों से बड़े और आधुनिक घरों की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों की इस साल की दिवाली नए आशियाने में मनेगी।

नरीमन पॉइंट स्थित यशवंतराव चव्हाण सेंटर में दोपहर 12 बजे विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लाभार्थियों को नए घरों की चाबियां सौंपेंगे।

परियोजना के दूसरे चरण के लिए 15 चॉलों के 1,200 पात्र निवासियों की पात्रता निर्धारित की जा चुकी है। अगस्त 2026 से इन लाभार्थियों को 11 महीने के लिए प्रतिमाह 30 हजार रुपये अग्रिम ट्रांजिट किराया दिया जा रहा है।

पुनर्विकसित बस्ती को आत्मनिर्भर टाउनशिप के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें कल्याण केंद्र, अस्पताल, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सौर ऊर्जा प्रणाली और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। म्हाडा अगले 12 वर्षों तक इन सभी साझा सुविधाओं का रखरखाव करेगा।

इस पुनर्विकास परियोजना के तहत दो चरणों में कुल 14 पुनर्वास विंग बनाए जा रहे हैं, जिनमें 2,560 आवास होंगे। इनमें से 557 फ्लैट तैयार होकर लाभार्थियों को सौंपे जा रहे हैं, जबकि 684 फ्लैटों का निर्माण अंतिम चरण में है।

नए आवासों में आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। इनमें विट्रिफाइड टाइल्स, एल्युमीनियम की खिड़कियां, ग्रेनाइट किचन प्लेटफॉर्म और ब्रांडेड प्लंबिंग फिटिंग्स लगाई गई हैं। इमारतों में अग्निशमन व्यवस्था, प्रत्येक मंजिल पर सीसीटीवी कैमरे, दो यात्री लिफ्ट और एक फायर लिफ्ट की सुविधा होगी। 22 मंजिला इमारतों को भूकंपरोधी बनाया गया है। इसके अलावा तीन मंजिला बेसमेंट पार्किंग, स्टिल्ट एरिया और पोडियम की व्यवस्था भी की गई है।

म्हाडा के मुंबई मंडल की ओर से संचालित एन. एम. जोशी मार्ग पुनर्विकास परियोजना के पहले चरण में कुल सात विंगों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से तीन विंगों में 557 फ्लैट तैयार किए गए हैं।

इस परियोजना से 13.49 एकड़ क्षेत्र में फैली 32 पुरानी चॉलों में रहने वाले हजारों निवासियों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। यहां पिछले दो से तीन पीढ़ियों से परिवार महज 160 वर्गफुट के छोटे कमरों में रहने को मजबूर थे। पुनर्विकास के बाद पात्र निवासियों को पूरी तरह निःशुल्क और मालिकाना हक के साथ 500 वर्गफुट कार्पेट एरिया वाले आधुनिक टू बीएचके फ्लैट मिलेंगे।

चाबी वितरण समारोह का लाभ सभी पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए म्हाडा अपने आधिकारिक यूट्यूब और फेसबुक चैनल @mhadaofficial पर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण करेगा। वहीं, लोअर परेल स्थित परियोजना स्थल पर वरिष्ठ लाभार्थियों की सुविधा के लिए विशेष मंडप बनाया गया है। इसमें 500 लोगों के बैठने की क्षमता के साथ एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है।

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए साइट ऑफिस से प्रवेश पत्र उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही ट्रांजिट कैंप से कार्यक्रम स्थल तक प्रत्येक पात्र परिवार के एक सदस्य के लिए वाहन की व्यवस्था की गई है। वर्षों से पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे 557 परिवारों को नए घरों की चाबियां मिलने के साथ बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना का यह चरण महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आएगा।

Pratahkal Bureau

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