Devendra Fadnavis morphed photo case : महाराष्ट्र की राजनीति में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री साझा करने का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। पुणे की पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस की साइबर सेल ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की छवि धूमिल करने के आरोप में बारामती से एक 40 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई केवल एक फोटो साझा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस जांच में मुख्यमंत्री के खिलाफ एक गहरी 'साजिश' और हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे गंभीर संकेत भी मिले हैं, जिसने इस पूरे प्रकरण को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान महादेव विलास बालगुडे के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के सोशल मीडिया विंग से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। पुलिस जांच के अनुसार, मामले की शुरुआत पुणे के एक वकील द्वारा 22 अप्रैल को दर्ज कराई गई शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि 3 अप्रैल से 20 अप्रैल के बीच बालगुडे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की एडिटेड और आपत्तिजनक तस्वीरें साझा की थीं, जिसका उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना था।

जैसे-जैसे साइबर सेल ने मामले की जांच आगे बढ़ाई, चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि आरोपी द्वारा किए गए पोस्ट में न केवल आपत्तिजनक तस्वीरें थीं, बल्कि उनमें खूंखार माओवादी नेता माडवी हिडमा का भी संदर्भ दिया गया था। पुलिस को ऐसे संदेश भी मिले हैं जो मुख्यमंत्री के खिलाफ हिंसक गतिविधियों को उकसाने वाले और संवैधानिक व्यवस्था को चुनौती देने वाले प्रतीत होते हैं। इस इनपुट के बाद पुलिस ने इसे केवल मानहानि का मामला न मानकर राष्ट्र की अखंडता और सुरक्षा से जुड़ा मामला माना है।

कानूनी कार्रवाई की बात करें तो पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अत्यंत गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें मानहानि से संबंधित धारा 356 (2) और भारत की एकता एवं अखंडता को खतरे में डालने वाली गतिविधियों के लिए धारा 152 शामिल की गई है। इसके अतिरिक्त, आईटी एक्ट की उन धाराओं को भी जोड़ा गया है जो पहचान के गलत इस्तेमाल और डिजिटल अपराधों से संबंधित हैं।

डीसीपी शिवाजी पवार ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस अब इस साजिश के तार खंगाल रही है। जांच का मुख्य केंद्र अब यह पता लगाना है कि इन सोशल मीडिया गतिविधियों के पीछे क्या कोई संगठित समूह कार्य कर रहा था और इसका दायरा कितना व्यापक है। यह घटनाक्रम डिजिटल युग में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के बीच की बारीक रेखा को एक बार फिर बहस के केंद्र में ले आया है, जहां राजनीतिक विरोध और आपराधिक साजिश के बीच का अंतर धुंधला होता दिख रहा है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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