नेव्हिल डिसुझा फुटबॉल मैदान पर MFA का हक नहीं, बॉम्बे HC में MHADA की सफाई
म्हाडा ने अदालत को बताया कि बांद्रा रिक्लेमेशन स्थित मैदान पर मुंबई फुटबॉल संघ का कोई कानूनी या मालिकाना अधिकार नहीं है।

तस्वीर में मुंबई उच्च न्यायालय की इमारत और बांद्रा स्थित नेव्हिल डिसुझा फुटबॉल मैदान दिख रहा है।
वांद्रे रिक्लेमेशन स्थित नेव्हिल डिसुझा फुटबॉल मैदान को लेकर मुंबई उच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास प्राधिकरण (म्हाडा) ने स्पष्ट किया है कि इस फुटबॉल मैदान पर मुंबई फुटबॉल असोसिएशन (एमएफए) का कोई कानूनी या मालिकाना हक नहीं है।
म्हाडा ने मुंबई उच्च न्यायालय में यह जानकारी देते हुए कहा कि वांद्रे रिक्लेमेशन स्थित नेव्हिल डिसुझा फुटबॉल मैदान पर मुंबई फुटबॉल असोसिएशन का कोई कानूनी अधिकार या स्वामित्व अधिकार नहीं है।
मैदान के अधिकार को लेकर सामने आए इस कानूनी पक्ष से स्पष्ट हुआ है कि म्हाडा के अनुसार एमएफए का इस मैदान पर किसी भी प्रकार का कानूनी या मालिकाना हक नहीं है। यह जानकारी मुंबई उच्च न्यायालय में म्हाडा की ओर से दी गई है।
इस मामले में म्हाडा का न्यायालय के समक्ष रखा गया यह पक्ष नेव्हिल डिसुझा फुटबॉल मैदान पर एमएफए के अधिकार से जुड़े दावे की स्थिति को सीधे प्रभावित करता है। अब मैदान के संबंध में अधिकार और स्वामित्व को लेकर म्हाडा की ओर से दी गई यह जानकारी न्यायिक कार्यवाही का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
