बानगे के 31 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत की उम्मीद, पुनर्वास के लिए जिलाधिकारी ने दिखाई सकारात्मक पहल
कोल्हापुर के बानगे गांव के 31 बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर जिलाधिकारी डॉ. विजय राठोड की सकारात्मक पहल से 25 साल पुराने मामले में नई उम्मीद जगी।

तस्वीर में बाएं से दाएं ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय में मौजूद है, जहां प्रतिनिधि जिलाधिकारी डॉ. विजय राठोड को ज्ञापन सौंपते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कोल्हापुर के कागल तालुका स्थित बानगे गांव में वेदगंगा नदी की बाढ़ से हर वर्ष विस्थापन का सामना करने वाले बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के मुद्दे पर जिलाधिकारी डॉ. विजय राठोड की सकारात्मक भूमिका से लंबे समय से वैकल्पिक भूमि की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
बानगे के बाढ़ प्रभावित परिवार पिछले लगभग 25 वर्षों से पुनर्वास के लिए वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने की मांग को लेकर शासन और प्रशासन के समक्ष लगातार प्रयास कर रहे हैं। कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद मामला लंबित रहने पर हाल ही में बाढ़ प्रभावितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी डॉ. विजय राठोड से मुलाकात कर उन्हें विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान जिलाधिकारी ने पुनर्वास के लिए वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में सकारात्मक भूमिका अपनाई। इसकी जानकारी सरपंच सुनील बोंगार्डे और पूर्व उपसरपंच रमेश सावंत ने दी।
वेदगंगा नदी में बाढ़ आने पर बानगे गांव की आंबी गली, परीट गली और भोपळे गली क्षेत्र के नागरिकों को हर वर्ष सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होना पड़ता है। कुछ परिवार वैकल्पिक स्थान तलाशकर स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, लेकिन अभी भी लगभग 31 परिवार पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उनके सामने बेघर होने की स्थिति बनी हुई है।
इन परिवारों के पुनर्वास के लिए गायरान क्षेत्र के गट क्रमांक 746 में भूमि की माप पूरी हो चुकी है। यहां भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव शासन के पास लंबित है। बाढ़ प्रभावितों ने जिलाधिकारी से इस प्रस्ताव को तत्काल मंजूरी दिलाकर पुनर्वास प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की।
इस अवसर पर सरपंच सुनील बोंगार्डे, पूर्व उपसरपंच रमेश सावंत, पांडुरंग आंबी, वसंत नाटकुळे, सुरेश सुतार, मारुती परीट, विजयमाला आंबी, कल्पना चोपडे सहित बाढ़ प्रभावित नागरिक उपस्थित रहे।
बानगे के बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में प्रशासन की सकारात्मक पहल से करीब 25 वर्षों से लंबित इस मामले के समाधान की उम्मीद तेज हो गई है। अब पुनर्वास के लिए लंबित प्रस्ताव पर शासन के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
