बामणी में राजे विक्रमसिंहजी घाटगे जयंती पर आयोजित नेत्र शिविर में 102 नागरिकों की जांच, 36 को चश्मे और 9 की शल्यक्रिया हुई।
बामणी में राजे विक्रमसिंहजी घाटगे जयंती पर आयोजित नेत्र शिविर में 102 नागरिकों की जांच, 36 को चश्मे और 9 की शल्यक्रिया हुई।

तस्वीर में बामणी गांव में आयोजित निःशुल्क नेत्र जांच एवं नेत्रोपचार शिविर के दौरान ग्रामीण नागरिक और स्वास्थ्य सेवा दल एनएबी आई हॉस्पिटल, मिरज की बस के सामने खड़े नजर आ रहे हैं।
राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की जयंती के अवसर पर ग्रामपंचायत बामणी की ओर से ग्रामस्थों के लिए निःशुल्क नेत्र जांच एवं नेत्रोपचार शिविर का आयोजन किया गया। ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को सहज और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर को ग्रामस्थों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला। शिविर में कुल 102 नागरिकों की निःशुल्क नेत्र जांच की गई।
जांच के दौरान दृष्टिदोष पाए जाने और चश्मे की आवश्यकता वाले 36 नागरिकों को निःशुल्क चश्मे तैयार कर दिए गए। वहीं, जांच में मोतियाबिंद की समस्या पाए गए 9 मरीजों की निःशुल्क मोतियाबिंद शल्यक्रिया की गई। शल्यक्रिया के बाद संबंधित मरीजों की आवश्यक देखभाल करते हुए उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया।
नेत्र जांच के माध्यम से कई नागरिकों को अपनी आंखों के स्वास्थ्य के संबंध में आवश्यक जानकारी मिली। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को निःशुल्क जांच, चश्मे और शल्यक्रिया की सुविधा मिलने से उनके स्वास्थ्य संबंधी खर्च का बोझ कम हुआ। ग्रामस्थों ने ग्रामपंचायत के इस सामाजिक उपक्रम की सराहना की।
ग्रामीण क्षेत्रों में आंखों से संबंधित बीमारियों की अनदेखी होने की संभावना रहती है। नियमित नेत्र जांच, समय पर निदान और आवश्यक उपचार से दृष्टि संबंधी गंभीर समस्याओं को टाला जा सकता है। इसी पृष्ठभूमि में आयोजित यह शिविर नागरिकों के लिए उपयोगी साबित हुआ।
शिविर के सफल आयोजन के लिए ग्रामपंचायत बामणी के सरपंच, ग्रामपंचायत सदस्य, कर्मचारी तथा संबंधित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य दल ने विशेष प्रयास किए। ग्रामस्थों ने सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए इस तरह के स्वास्थ्य संबंधी उपक्रमों का लगातार आयोजन किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
