आदमापूर यात्रा: लाखों की प्यास बुझाने वाले 'जलदूतों' का देवस्थान समिति द्वारा भव्य सम्मान
श्री क्षेत्र आदमापूर में सोमवती अमावस्या यात्रा के दौरान भीषण जलसंकट के बीच लाखों भक्तों की प्यास बुझाने वाले गुमनाम नायकों का सम्मान किया गया। जानिए कैसे टैंकर चालकों ने अपनी सेवा से इस यात्रा को सफल और यादगार बनाया।

श्री क्षेत्र आदमापूर में सोमवती अमावस्या यात्रा के दौरान जल आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले टैंकर चालकों और कर्मचारियों को देवस्थान समिति की ओर से सम्मानित करते हुए धैर्यशील भोसले और सुहासिनीदेवी पाटील।
श्री क्षेत्र आदमापूर में हाल ही में संपन्न हुई सद्गुरु श्री बाळूमामा की सोमवती अमावस्या यात्रा के दौरान, जब जलसंकट ने आस्था के महासागर के सामने चुनौती पेश की, तब 'जलदूतों' के रूप में उभरे टैंकर चालकों ने अपनी निस्वार्थ सेवा से लाखों भक्तों की प्यास बुझाकर एक मिसाल कायम की। इस वर्ष बारिश की कमी और स्थानीय जलस्रोतों के सूख जाने के कारण यात्रा में पेयजल की भारी किल्लत की आशंका थी, लेकिन इन कर्मयोगियों ने 'भक्तों की सेवा ही बाळूमामा की सच्ची सेवा है' इस संकल्प को आत्मसात करते हुए दिन-रात पानी पहुँचाने का कठिन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
यात्रा में उमड़ने वाले लाखों भक्तों के लिए स्वच्छ पेयजल का प्रबंध करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती थी। इस आवश्यकता को समझते हुए मुरगुड नगरपालिका के फिल्टर हाउस को युद्धस्तर पर कार्यान्वित किया गया। यहाँ से यात्रा स्थल तक शुद्ध जल पहुँचाने की जिम्मेदारी मुरगुड नगरपालिका अग्निशमन दल, डेलिशिया दूध संघ और विभिन्न निजी टैंकर मालिकों ने साझा की। जलसंकट के गंभीर साये के बावजूद, इन जलसेवकों ने कठिन रास्तों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में समय पर पानी पहुँचाकर यह सुनिश्चित किया कि किसी भी भक्त को असुविधा न हो।
यात्रा के दौरान कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती, जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने चौबीसों घंटे तत्पर रहकर चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। देवस्थान समिति के सटीक नियोजन, प्रशासनिक समन्वय और इन जलसेवकों की निष्ठा के कारण, आदमापूर यात्रा जल प्रबंधन की दृष्टि से एक आदर्श उदाहरण बन गई है।
इन 'जलदूतों' के अनुकरणीय कार्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु आदमापूर में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। देवस्थान समिति के मानद अध्यक्ष धैर्यशील भोसले और मुरगुड नगरपालिके की नूतन नगराध्यक्षा सुहासिनीदेवी पाटील के कर-कमलों द्वारा सभी टैंकर चालकों, मालिकों और संबंधित कर्मचारियों को घोंगड़ा, श्रीफल और बाळूमामा का भंडारा भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देवालया के विश्वस्त दिलीप पाटील, दत्तात्रय पाटील, अमोल पाटील, मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजित कदम सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन संजित कदम द्वारा व्यक्त किए गए आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। यह सम्मान न केवल टैंकर चालकों के परिश्रम को मान्यता देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जब सेवा की भावना सर्वोपरि होती है, तो विपरीत परिस्थितियां भी आस्था के प्रवाह को रोक नहीं पातीं।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
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