श्री सद्गुरू बाळूमामा की 60वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रीक्षेत्र आदमापुर (ता. भुदरगड) में मंगलवार, 25 अगस्त से मंगलवार, 1 सितंबर तक अखंड हरिनाम महासप्ताह का आयोजन किया जाएगा। सप्ताह के दौरान ज्ञानेश्वरी पारायण, बाळूमामा विजय ग्रंथ पारायण, संगीत भजन, हरिपाठ, प्रवचन और कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी देवस्थान समिति के अध्यक्ष धैर्यशीलराजे भोसले और कार्याध्यक्ष रामान्ना मरेगुद्री ने दी।

मंगलवार, 25 अगस्त को अध्यक्ष धैर्यशीलराजे भोसले के हाथों वीणा पूजन और समाधि पूजन कर अखंड हरिनाम सप्ताह का शुभारंभ होगा। सप्ताह के दौरान महाराष्ट्र के नामवंत विद्वानों, प्रवचनकारों, कीर्तनकारों और वारकरी संप्रदाय के मान्यवरों के प्रवचन और कीर्तन आयोजित किए जाएंगे।

मंगलवार, 25 अगस्त को पूर्णानंद काजवे का प्रवचन और वारकरी भूषण श्री. गुरू चैतन्य महाराज निंबोळे, नाशिककर का कीर्तन होगा। बुधवार, 26 अगस्त को परमार्थ भूषण नारायण एकल, जोगेवाड़ी का प्रवचन और श्री. गुरू कान्होबा महाराज देहुकर का कीर्तन होगा।

गुरुवार, 27 अगस्त को अशोक कौलवकर, गारगोटी का प्रवचन और जयेश भाग्यवंत महाराज, डोंबिवली का कीर्तन आयोजित किया जाएगा। शुक्रवार, 28 अगस्त को भानुदास कोल्हापुरे, ईश्वरपुर का प्रवचन और राष्ट्रीय कीर्तनकार चारुदत्त आफळे, पुणे का कीर्तन होगा।

शनिवार, 29 अगस्त को बाबुराव पाटील सावर्डेकर का प्रवचन और यशोधन साखरे, आळंदी का कीर्तन होगा। रविवार, 30 अगस्त को योगेश जाधव, आळंदी का प्रवचन और जगन्नाथ पाटील, मुंबई का कीर्तन आयोजित किया जाएगा।

सोमवार, 31 अगस्त को इंद्रजीत देशमुख का प्रवचन और ज्ञानेश्वर माऊली कदम, देवाची आळंदी का कीर्तन होगा। मंगलवार, 1 सितंबर को वेदांताचार्य उदय शास्त्री का काल्याचे कीर्तन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद दिंडी और महाप्रसाद के साथ अखंड हरिनाम सप्ताह का समापन होगा।

श्री बाळूमामा देवस्थान समिति और आदमापुर ग्रामस्थों की ओर से भाविकों से बड़ी संख्या में सहभागी होकर प्रवचन, कीर्तन, हरिपाठ और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का लाभ लेने का आह्वान किया गया है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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