अण्णाभाऊ साठे का जीवन संघर्ष और शोषितों की आवाज का प्रतीक: प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे
सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में अण्णाभाऊ साठे जयंती पर ‘लेखन प्रेरणा दिवस’ आयोजित हुआ, जहां प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने उनके संघर्षमय जीवन और साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला।

तस्वीर में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय के कार्यक्रम में मंच पर बैठे अतिथि और माइक से संबोधित करते वक्ता दिखाई दे रहे हैं।
साहित्यसम्राट अण्णाभाऊ साठे का संपूर्ण जीवन संघर्ष और पीड़ा से भरा हुआ था। उन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से शोषित, वंचित और उपेक्षित समाज के प्रश्नों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्ति दी। उनकी कहानियों, उपन्यासों और साहित्य में मनुष्य और उसका जीवन ही केंद्र में रहा। यह विचार सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने व्यक्त किए।
वे महाविद्यालय में अण्णाभाऊ साठे जयंती के अवसर पर आयोजित ‘लेखन प्रेरणा दिवस’ कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अण्णाभाऊ साठे के साहित्यिक योगदान का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों से उनके विचारों की विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रा. दादासाहेब सरदेसाई, उपप्राचार्य प्रा. पी. आर. फराकटे तथा प्रा. दिपाली सामंत ने भी अण्णाभाऊ साठे के साहित्यिक और सामाजिक योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का स्वागत एवं प्रस्तावना मराठी विभागाध्यक्ष डॉ. सुखदेव एकल ने की। उन्होंने कहा कि ‘लेखन प्रेरणा दिवस’ केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को अण्णाभाऊ साठे की साहित्यिक और वैचारिक विरासत को आत्मसात कर समकालीन विषयों पर लेखन के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
कार्यक्रम का संचालन प्रा. अर्चना कांबळे ने किया, जबकि प्रा. नूतन बिरंबोळे ने आभार व्यक्त किए।
इस अवसर पर नैक समन्वयक डॉ. माणिक पाटील, प्रा. एम. एच. सोहनी, प्रा. दीपक साळुंखे, प्रा. विनोदकुमार प्रधान, प्रा. दिगंबर गोरे, प्रा. आर. एस. पाटील, प्रा. नीतेश रायकर, प्रा. गुरुनाथ सामंत, प्रा. सोनाली कुंभार, प्रा. अशोक पाटील, प्रा. मनिषा पाटील, प्रा. राहुल बोटे, प्रा. सुशांत पाटील, प्रा. धनाजी खतकर सहित महाविद्यालय के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में आयोजित ‘लेखन प्रेरणा दिवस’ में प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए अण्णाभाऊ साठे के साहित्यिक और सामाजिक विचारों को समाज तथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
