मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य आंगनवाड़ी सेविकाओं को सौंपे जाने के विरोध में आंगनवाड़ी कर्मचारी संघटना ने शिरपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता पंजीकरण अधिकारी एवं उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यह जिम्मेदारी वापस लेने की मांग की है। संघटना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांग स्वीकार नहीं की गई तो पूरे राज्य में तीव्र आंदोलन किया जाएगा।

संघटना ने अपने ज्ञापन में कहा है कि केंद्र प्रायोजित एकीकृत बाल विकास सेवा तथा पोषण अभियान के अंतर्गत कार्यरत आंगनवाड़ी सेविकाओं पर पहले से ही 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के पोषण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं की स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं, पूरक पोषण आहार वितरण, कुपोषण की रोकथाम एवं उन्मूलन, स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण अभियानों में सहयोग, विभिन्न शासकीय सर्वेक्षण, ऑनलाइन रिकॉर्ड संधारण, मासिक प्रतिवेदन, बैठकों तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन जैसी अनेक जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसा अतिरिक्त और समय लेने वाला कार्य सौंपना उचित नहीं है।

ज्ञापन में महाराष्ट्र के आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि राज्य में बच्चों में कुपोषण और अवरुद्ध शारीरिक विकास की स्थिति अब भी चिंताजनक है। ऐसी परिस्थिति में आंगनवाड़ी सेविकाओं का पूरा समय कुपोषण उन्मूलन, बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े मूल कार्यों पर केंद्रित रहना आवश्यक है।

संघटना ने 27 मार्च 2026 को संबंधित मंत्री द्वारा जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र का भी उल्लेख किया है। ज्ञापन के अनुसार उस पत्र में निर्देश दिए गए थे कि आंगनवाड़ी सेविकाओं से उनकी मूल योजना के अतिरिक्त अन्य कोई कार्य नहीं कराया जाए। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी पल्स पोलियो अभियान जैसे अत्यावश्यक कार्यों को छोड़कर अन्य कार्य सौंपने पर सीमित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिए जाने का उल्लेख किया गया है।

संघटना का कहना है कि अल्प मानदेय पर कार्यरत आंगनवाड़ी सेविकाओं पर लगातार अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियां डाली जा रही हैं, जिससे उनकी मूल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसलिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा राज्यभर में तीव्र आंदोलन किया जाएगा।

बीएलओ अर्थात बूथ लेवल ऑफिसर, निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त क्षेत्रीय अधिकारी होता है। उसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में मतदाता सूची को अद्यतन रखना, नए मतदाताओं का पंजीकरण करना, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नामों का सत्यापन करना, घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करना तथा चुनाव संबंधी क्षेत्रीय कार्यों का निष्पादन करना शामिल है।

संघटना ने यह भी स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी सेविकाओं का मूल कार्य एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के अंतर्गत 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य की देखभाल, गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं की सेवा, कुपोषण की रोकथाम एवं उन्मूलन, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जागरूकता, पूरक पोषण आहार वितरण, फेस कैप्चर, विभिन्न ऑनलाइन प्रविष्टियां तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का क्रियान्वयन करना है। इसके अतिरिक्त वे ग्रामसभा, ग्राम स्वच्छता अभियान, मेरी वसुंधरा अभियान, विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा स्थानीय शासकीय कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं।

जिला अध्यक्ष शालिनी पाटील ने कहा कि आंगनवाड़ी सेविकाओं पर पहले से ही अत्यधिक कार्यभार है और उनका मुख्य दायित्व बच्चों, माताओं तथा कुपोषण उन्मूलन से जुड़ा है। बीएलओ का कार्य समयसाध्य है, जिसमें घर-घर जाकर सत्यापन, अभिलेख तैयार करना और ऑनलाइन जानकारी दर्ज करना शामिल है। ऐसे में अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने से आंगनवाड़ी की नियमित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि बीएलओ के रूप में नियमित शासकीय कर्मचारियों अथवा स्वतंत्र मानव संसाधन की नियुक्ति अधिक उपयुक्त होगी।

ज्ञापन में कानूनी पक्ष का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि निर्वाचन आयोग को आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को बीएलओ नियुक्त करने का अधिकार है, लेकिन नियुक्ति करते समय संबंधित विभाग के अत्यावश्यक कार्य प्रभावित न हों, इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होती है। इसलिए प्रशासनिक दृष्टि से नियुक्ति संभव होने के बावजूद सामाजिक एवं सार्वजनिक हित को देखते हुए आंगनवाड़ी सेविकाओं पर अतिरिक्त बीएलओ की जिम्मेदारी डालना उचित नहीं है। यह बात कर्मचारी संघटनाओं की जिला अध्यक्ष शालिनी पाटील, उपाध्यक्ष सुषमा ताई माळी, सुनीता पाटील, सचिव शिलाताई पाटील, शिरपुर तालुका अध्यक्ष जयश्री देवरे तथा सचिव सुनीता सगरे ने कही है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story