अमरावती: वाहन खरीद-बिक्री के नाम पर युवक के साथ धोखाधड़ी, पुलिस में मामला दर्ज
शिरखेड थाना क्षेत्र में ट्रक बेचने के सौदे में फंसाकर युवक को आर्थिक संकट में डाला गया, किश्तें न चुकाने पर कंपनी ने मालिक को भेजा नोटिस।

शिरखेड पुलिस थाना क्षेत्र में वाहन खरीद-बिक्री के नाम पर हुई धोखाधड़ी के मामले में शामिल ट्रक जिसे कथित तौर पर बेचने के बाद आरोपी ने किश्तें नहीं भरीं।
अमरावती/शिरखेड: वाहन खरीद-बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला शिरखेड पुलिस थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक बेरोजगार युवक को वाहन खरीदने और बेचने के सौदे में फंसाकर आर्थिक संकट में डाल दिया गया। मोर्शी निवासी दत्तराज बाळू इंगळे ने रोजगार की तलाश में चोलामंडलम फायनेंस कंपनी से ऋण लेकर एक आयशर ट्रक खरीदा था। इस दौरान उन्होंने कंपनी के पास तीन लाख रुपये का डाउन पेमेंट जमा किया और लगभग 14 महीनों तक पचास हजार रुपये की मासिक किश्तें नियमित रूप से कंपनी के खाते में अदा कीं।
आर्थिक कठिनाइयों के चलते दत्तराज इंगळे ने अपना उक्त वाहन बेचने का निर्णय लिया। इस दौरान सालोरा निवासी आकाश वानखेडे और कृष्णापुर निवासी विशाल वानखेडे ने उनसे संपर्क किया। बातचीत के दौरान यह तय हुआ कि वे दत्तराज को ढाई लाख रुपये देंगे और शेष बकाया ऋण की जिम्मेदारी खुद उठाएंगे। इस सौदे के बाकायदा दस्तावेज भी तैयार किए गए।
आरोप है कि जैसे ही वाहन पर कब्जा हुआ, विशाल वानखेडे ने फायनेंस कंपनी को किश्तें देना बंद कर दिया। किश्तें जमा न होने पर चोलामंडलम फायनेंस कंपनी ने मूल मालिक दत्तराज इंगळे को बकाया राशि वसूली का नोटिस भेजकर उन पर भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। स्वयं के साथ हुई इस धोखाधड़ी और निरंतर मिल रही कानूनी धमकियों से हताश होकर दत्तराज इंगळे ने शिरखेड पुलिस थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने क्षेत्र में वाहन खरीद-बिक्री के दौरान बरती जाने वाली सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

