अमरावती: शिरखेड-उदखेड पानंद रस्ते निर्माण में लापरवाही, किसानों का विरोध
अमरावती में पानंद रस्ते के निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी और सूचना फलक न होने से नाराज किसानों ने प्रशासन से जांच की मांग की है।

शिरखेड-उदखेड मार्ग पर कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए स्थानीय किसान और ग्रामीण, निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहे हैं।
अमरावती: अमरावती जिले के अंतर्गत शिरखेड से उदखेड तक निर्माणाधीन पानंद रस्ते के कार्य में ठेकेदार द्वारा बरती जा रही मनमानी और लापरवाही के चलते स्थानीय किसान बेहद संतप्त हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा खेत तक सुगम आवागमन हेतु पानंद रस्ता निर्माण के लिए सकारात्मक प्रतिसाद देने के बावजूद, निर्माण कार्य में जुटी यंत्रणा उनके साथ धोखाधड़ी कर रही है। पिछले दो-तीन महीनों से चल रहे इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए किसानों ने प्रशासन पर गंभीर उपेक्षा का आरोप लगाया है।
नियमों के अनुसार, किसी भी निर्माण स्थल पर कार्य की विस्तृत जानकारी देने वाला सूचना फलक (माहिती फलक) लगाना अनिवार्य है, परंतु इस रस्ते पर किसी भी प्रकार का बोर्ड नहीं लगाया गया है। किसानों का दावा है कि इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये का उद्देश्य उन्हें अंधेरे में रखना है। मौके पर स्थिति यह है कि कहीं आठ फीट तो कहीं सात फीट से भी कम चौड़ा रास्ता बनाया जा रहा है, जो मानकों के विपरीत है। बारिश का मौसम निकट है और अभी तक रस्ते का आधा काम भी पूरा नहीं हो पाया है, जिससे किसानों के लिए अपने खेतों तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सोमेश्वर शहाणे समेत प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि रस्ते का निर्माण कार्य शीघ्र ही सही ढंग और निर्धारित मापदंडों के अनुसार पूरा नहीं किया गया, तो खेती का कार्य प्रभावित होगा और बड़ी संख्या में खेत बंजर (पडीक) रहने की गंभीर संभावना उत्पन्न हो जाएगी।

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