ओबीसी कार्यकर्ताओं ने मोर्शी तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर स्वतंत्र जनगणना की मांग की और मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

अमरावती में 2026 की जनगणना को लेकर ओबीसी कार्यकर्ताओं में तीव्र आक्रोश सामने आया है, जहां स्वातंत्र्य ओबीसी कॉलम की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। सोमेश्वर शहाणे की रिपोर्ट के अनुसार, ओबीसी संवर्ग के लिए स्वतंत्र कॉलम नहीं होने पर कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

जानकारी के अनुसार, 2026 की जनगणना में ओबीसी संवर्ग के लिए स्वतंत्र कॉलम नहीं रहने से कार्यकर्ता आक्रमक हो गए हैं। उनका कहना है कि ओबीसी संवर्ग देश का सबसे बड़ा संवर्ग है, इसके बावजूद अचूक जनगणना नहीं होने से शासकीय योजना, आरक्षण धोरणे और संसाधन वाटप में गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसी संदर्भ में संदीप अशोकराव रोडे और अन्य कार्यकर्ताओं ने जनगणना में ओबीसी संवर्ग के लिए स्वतंत्र कॉलम रखने की मांग उठाई।

इस मांग को लेकर मोर्शी के विद्यमान तहसीलदार सागर ढवळे को निवेदन सौंपा गया। निवेदन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि ओबीसी संवर्ग की अचूक लोकसंख्या मानांकन के लिए स्वतंत्र सर्वेक्षण भी किया जाना आवश्यक है। साथ ही सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई।

निवेदन में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आंदोलन किया जाएगा। निवेदन सौंपते समय संदीप अशोकराव रोडे के साथ प्रियदर्शन पुंड, ऋत्विक मेंढे, सार्थक मेंढे, मिलिंद हेडाऊ, आकाश मोझरे, नितीन विघे, नरेंद्र रामटेके, पिंटू विधळे तथा अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

यह घटनाक्रम जनगणना प्रक्रिया में ओबीसी संवर्ग के प्रतिनिधित्व और अधिकारों को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता और सामाजिक-राजनीतिक महत्व को रेखांकित करता है।

Pratahkal Bureau

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