अमरावती जिले के मोर्शी तहसील अंतर्गत नेरपिंगळाई गांव में गहराते पाणी संकट ने जनाक्रोश का रूप ले लिया है। अमरावती शहर को पानी उपलब्ध कराने वाला अप्पर वर्धा प्रकल्प गांव के पास स्थित होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन की कुचराई के कारण गांववासियों को भीषण पाणीटंचाई का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामपंचायत प्रशासन द्वारा सात-आठ दिन के अंतराल पर नल योजना से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे परेशान नागरिकों ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए पत्रकार निलेश पांडे के नेतृत्व में ग्रामपंचायत कार्यालय पर धावा बोला। हालांकि कार्यालय में ग्रामसेवक के अलावा सरपंच, उपसरपंच तथा अन्य जनप्रतिनिधी अनुपस्थित रहे, जिससे नागरिकों में और अधिक रोष उत्पन्न हुआ।

संतप्त ग्रामीणों ने ग्रामसेवक को निवेदन सौंपते हुए पाणीटंचाई की समस्या पर तत्काल उपाय योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पांच दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पत्रकार निलेश पांडे के साथ अमर यावलीकर, अरुण पातुरकर, प्रवीण तिजारे, पुण्यवर्धन राऊत, सचिन काळे, सुरेंद्र लगड, प्रफुल दापुरकर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

गांव के सरपंच, सदस्य तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति को लेकर नागरिकों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। इसी दौरान गांव के नागरिक अरुण पातुरकर ने ग्रामवासियों को नियमित पानी उपलब्ध कराने हेतु अपना निजी कुआं अधिग्रहित करने की पेशकश ग्रामपंचायत प्रशासन के समक्ष रखी।

पांच दिन की समयसीमा और आंदोलन की चेतावनी के बीच यह मामला अब प्रशासनिक जवाबदेही और ग्रामीण जल प्रबंधन की गंभीर परीक्षा बन गया है।

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Pratahkal Bureau

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