अमरावती। बरुड तहसील के फत्तेपूर क्षेत्र में जलसंपादक विभाग की कार्रवाई से स्थानीय किसान ऊमेश शंकरराव शेकापुरे के उपजाऊ खेत को गंभीर नुकसान हुआ। विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के नाला खोलीकरण का काम शुरू कर दिया, जिससे किसान को अप्रत्याशित आर्थिक क्षति हुई।

घटना की जानकारी मिलते ही ऊमेश शेकापुरे ने तुरंत कार्य को रोक दिया। किसान का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग को किसी भी किसान के खेत में काम शुरू करने से पहले नोटिस जारी करना अनिवार्य है। इस अनदेखी और अचानक कार्रवाई के कारण स्थानीय किसान में प्रशासन के प्रति गुस्सा फैल रहा है।

किसान ने इस मामले में बरुड पुलिस स्टेशन में संबंधित विभाग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है और कार्यवाही की मांग की है। एफआईआर के माध्यम से किसान ने स्पष्ट किया कि उपजाऊ खेत में बिना सूचना कार्य करने से उसे बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।

यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और किसानों के हितों की अनदेखी की गंभीर तस्वीर पेश करता है। स्थानीय प्रशासन और जलसंपादक विभाग के कदमों पर अब समाज और किसान समुदाय की नज़रें टिकी हुई हैं।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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