कोल्हापुर के कागल तहसील स्थित मळगे खुर्द गांव के अमोल साताप्पा पाटील ने जिद, लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) पद हासिल कर गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दसवीं कक्षा में केवल 48 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण होने वाले अमोल पाटील ने आगे चलकर महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की स्पर्धा परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

अमोल पाटील को बचपन से ही उनके पिता ने बड़ा अधिकारी बनने का सपना दिखाया था। इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने शिक्षा के साथ कठोर परिश्रम, नियमित अध्ययन और अनुशासित तैयारी को लगातार जारी रखा। कई कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और अंततः अपने पिता का सपना पूरा कर दिखाया।

वर्ष 2023 में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित पुलिस उपनिरीक्षक पद की परीक्षा में अमोल पाटील ने 400 में से 354.50 अंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता दर्ज की। इस प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन पुलिस उपनिरीक्षक पद के लिए हुआ। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ मळगे खुर्द गांव में भी खुशी का माहौल है।

विशेष बात यह रही कि स्पर्धा परीक्षा की तैयारी के दौरान ही अमोल पाटील ने सोलापुर ग्रामीण पुलिस दल में लगातार नौ वर्ष तक पुलिस कॉन्स्टेबल के रूप में ईमानदारी से सेवा दी। नौकरी और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाए रखते हुए उन्होंने निरंतर मेहनत जारी रखी, जिसके कारण उनकी सफलता को और अधिक प्रेरणादायी माना जा रहा है।

अमोल पाटील ने अपनी सफलता से यह साबित किया है कि दसवीं कक्षा के अंक ही जीवन का अंतिम पैमाना नहीं होते। यदि ईमानदार प्रयास, निरंतरता और मजबूत इच्छाशक्ति हो तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि पर मळगे खुर्द के ग्रामीणों, मित्रों, रिश्तेदारों तथा विभिन्न क्षेत्रों के मान्यवरों ने उन्हें बधाई दी है और युवाओं से उनके संघर्षपूर्ण सफर से प्रेरणा लेने की अपील की है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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