Ajit Pawar Plane Crash : महाराष्ट्र के बारामती में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान के साथ हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्घटना में सबसे चौंकाने वाला और हृदयविदारक तथ्य यह सामने आया है कि जिस पायलट की जान गई, उस विमान को उड़ाने की जिम्मेदारी मूल रूप से उनकी थी ही नहीं। यह महज एक संयोग और 'ट्रैफिक जाम' की परिणति थी जिसने कैप्टन सुमित कपूर को मौत के रनवे पर खड़ा कर दिया।

नसीब का फैसला: जब दूसरे पायलट का 'जाम' सुमित का 'काल' बना

जांच और करीबी मित्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अजीत पवार को बारामती ले जाने के लिए किसी अन्य पायलट का नाम तय किया गया था। लेकिन ऐन वक्त पर वह पायलट शहर के भारी ट्रैफिक में फंस गया। समय की कमी और वीवीआईपी ड्यूटी की गंभीरता को देखते हुए, कैप्टन सुमित कपूर को अचानक यह जिम्मेदारी सौंपी गई। सुमित, जो कुछ ही समय पहले हाँगकाँग से लौटे थे, उन्होंने अपने पेशेवर धर्म को निभाते हुए विमान की कमान संभाली, बिना यह जाने कि यह उनकी आखिरी उड़ान होगी।

हादसे की भयावहता और शिनाख्त :

बारामती के पास हुए इस हादसे में विमान के परखच्चे उड़ गए। कैप्टन सुमित कपूर की पहचान करना अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती थी।

  • पहचान का आधार: अंततः उनके हाथ में बंधे एक खास ब्रेसलेट के जरिए उनकी शिनाख्त हो पाई।
  • अनुभव का विशाल आकाश: सुमित कपूर कोई नौसिखिया नहीं थे; उनके पास 16,500 घंटों से अधिक की उड़ान का विशाल अनुभव था। वह 'व्हीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' से जुड़े थे और देश के कई दिग्गज राजनेताओं को अपनी सेवाएं दे चुके थे।
  • पारिवारिक विरासत: सुमित का पूरा परिवार उड्डयन क्षेत्र से जुड़ा है। उनके बेटे और दामाद भी पेशेवर पायलट हैं, जो इस खबर के बाद गहरे सदमे में हैं।

तकनीकी खामी या कुछ और? जांच की मांग

कैप्टन सुमित के मित्रों और उड्डयन विशेषज्ञों ने हादसे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने अनुभवी पायलट से मानवीय चूक की गुंजाइश न के बराबर है। शुरुआती संकेतों के अनुसार, विमान में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। सुमित के साथियों ने इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय और सघन जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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