धुले: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और जनसामान्य के लोकप्रिय नेता, स्वर्गीय अजीतदादा पवार की अस्थिकलश दर्शन और विसर्जन यात्रा के दौरान पूरे धुले जिले में शोक की लहर देखी गई। अपने चहेते नेता को अंतिम विदाई देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जिले के कोने-कोने से जनसैलाब उमड़ पड़ा।


राजवाड़े मंडल से हुई यात्रा की शुरुआत

  • अस्थिकलश दर्शन की शुरुआत शहर के मध्य स्थित राजवाड़े संशोधन मंडल से हुई।
  • यहाँ समाज के सभी वर्गों के नागरिकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने दादा की स्मृतियों को भावपूर्ण नमन किया।
  • इसके बाद, दत्तमंदिर चौक से अस्थिकलश यात्रा की भव्य शुरुआत हुई।
  • जैसे-जैसे यह यात्रा नगांव, देवभाने कापड़णे फाटा और सोनगीर के मार्ग से आगे बढ़ी, गांवों के नागरिक अपने लाडले नेता के अंतिम दर्शन के लिए भावुक हो उठे।

'अजीतदादा अमर रहे' के नारों से गूंजा परिसर

जब यह यात्रा बाभले फाटा, नरडाणे स्थित डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर पुतला चौक और वारुल के छत्रपति शिवाजी महाराज पुतला परिसर पहुँची, तो वहाँ कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई। बेटावद बस स्टैंड क्षेत्र से गुजरते समय माहौल अत्यंत गमगीन था।

"अजीतदादा अमर रहे"

इस दौरान समर्थकों द्वारा लगाए गए इन नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।


त्रिवेणी संगम पर विसर्जन

इस यात्रा का अंतिम चरण शिंदखेडा तहसील के मुलावद स्थित पवित्र त्रिवेणी संगम पर संपन्न हुआ। कपिलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में धार्मिक मंत्रोच्चार और नम आँखों के बीच अजीतदादा की अस्थियों का विसर्जन किया गया।

Ubaid Kadri (Dhule)

Ubaid Kadri (Dhule)

उबैद कादरी (धुले) प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी और समर्पित संवाददाता हैं। धुले जिले से जुड़े स्थानीय, सामाजिक और राजनीतिक समाचारों पर उनकी पैनी नज़र और निष्पक्ष रिपोर्टिंग उन्हें पाठकों के बीच भरोसेमंद बनाती है। उबैद लगातार घटनाओं की सटीक और तथ्यपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करते हैं, जिससे पाठकों को समाचारों की वास्तविक तस्वीर समझने में आसानी होती है। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना और पाठकों तक महत्वपूर्ण सूचनाएँ पहुँचाना है।

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