अहमदपुर तहसील के मौजे मरशिवनी इलाके में लोकहित और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के संकल्प को पूरा करने की दिशा में प्रशासन ने एक निर्णायक कदम उठाया है। गुरुवार, 11 जून को स्थानीय राजस्व, पुलिस और नगर पालिका प्रशासन ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए प्रस्तावित उपजिल्हा अस्पताल के लिए आरक्षित सरकारी गायरान जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया। बीते कुछ दिनों से गट क्रमांक 26/1/1 की इस बेशकीमती भूमि पर किए जा रहे अनधिकृत निर्माणों ने अस्पताल निर्माण की राह में बाधा उत्पन्न कर दी थी, जिसे प्रशासन ने जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त कर दिया।

इस अतिक्रमण को लेकर प्रशासन पिछले काफी समय से सतर्क था। तहसील कार्यालय द्वारा संबंधित अतिक्रमणकारियों को बार-बार चेतावनी दी गई थी और उन्हें स्वयं ही कब्जा हटाने का अवसर दिया गया था, किंतु इन निर्देशों की अनदेखी किए जाने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। गुरुवार की दोपहर, भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और नगरपालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध ढांचों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया।

यह कार्रवाई केवल सरकारी जमीन को खाली कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के नागरिकों के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता देने का एक ठोस प्रमाण है। प्रस्तावित उपजिल्हा अस्पताल का प्रस्ताव पहले ही जिलाधिकारी कार्यालय को भेजा जा चुका है, और प्रशासन इस बात को लेकर कृतसंकल्प है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना में कोई भी तकनीकी या भौतिक बाधा उत्पन्न न हो। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन के इस कठोर निर्णय ने सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों में हड़कंप मचा दिया है और सार्वजनिक हितों की रक्षा के लिए शासन की दृढ़ इच्छाशक्ति को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है।

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