सामाजिक कार्यों को मिली नई पहचान: बंजारा विरासत संघ, मुंबई में अग्नेल चव्हाण की नियुक्ति
बंजारा विरासत संघ, मुंबई में सामाजिक कार्यकर्ता अग्नेल चव्हाण की आधिकारिक नियुक्ति हुई है। द लायन प्रतिष्ठान के अध्यक्ष चव्हाण को मिली इस नई जिम्मेदारी से कोल्हापूर सहित पूरे राज्य के सामाजिक हलकों में खुशी की लहर है। जानिए उनके अब तक के सफर की पूरी कहानी।

तस्वीर में द लायन प्रतिष्ठान के संस्थापक अध्यक्ष अग्नेल चव्हाण का बंजारा विरासत संघ, मुंबई में नियुक्ति पर अभिनंदन पोस्टर दिख रहा है।
कोल्हापूर: सामाजिक क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय कार्यों के दम पर द लायन प्रतिष्ठान ऑफ महाराष्ट्र राज्य सोशल मीडिया के संस्थापक अध्यक्ष अग्नेल चव्हाण ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें बंजारा विरासत संघ, मुंबई में आधिकारिक रूप से नियुक्त किया गया है। महाराष्ट्र राज्य के मृद व जलसंधारण मंत्री संजय राठोड के मार्गदर्शन में काम करने वाली इस संस्था में अग्नेल चव्हाण की नियुक्ति को उनके अब तक के सामाजिक योगदान और समाज में बढ़ते विश्वास की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।
अग्नेल चव्हाण का सामाजिक सफर काफी व्यापक रहा है। वे न केवल द लायन प्रतिष्ठान का नेतृत्व कर रहे हैं, बल्कि पुलिस मित्र संगठन के सह-प्रमुख, मंथन फाउंडेशन के उपाध्यक्ष, योगदान न्यूज और निकाल न्यूज के उप-संपादक, द युवा ग्रामीण पत्रकार संघ के पत्रकार और रयत विद्यार्थी युवा मंच, कोल्हापूर जिले के विशेषज्ञ संचालक के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में द लायन प्रतिष्ठान ने महिला सशक्तिकरण, महिला संरक्षण, युवाओं के मार्गदर्शन, जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक जागरूकता जैसे कई महत्वपूर्ण उपक्रमों के माध्यम से कोल्हापूर जिले सहित पूरे महाराष्ट्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। संस्था की कार्यक्षमता को देखते हुए अब इसके शाखाओं का विस्तार राज्य के विभिन्न हिस्सों में किया जा रहा है। अग्नेल चव्हाण की इस नई नियुक्ति पर राज्य के विभिन्न सामाजिक संगठनों, पत्रकारों, पदाधिकारियों और उनके समर्थकों में भारी उत्साह है और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
