उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजों के बाद विपक्षी खेमे में क्रॉस वोटिंग को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है। एक तरफ एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने भारी जीत दर्ज की, वहीं दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन के भीतर असंतोष और अनुशासनहीनता की चर्चा तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस पूरे घटनाक्रम पर बड़ा बयान दिया है और बीजेपी समेत विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।



AAP नेता संजय सिंह का बयान :


आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि जिन पार्टियों में क्रॉस वोटिंग हुई है, उन्हें खुद इस मामले की जांच करनी चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों से सवाल किया कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में वोट कैसे खिसक गए।


अनुराग ढांडा का बड़ा दावा :


AAP नेता अनुराग ढांडा ने और भी सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने कहा कि सूत्रों के मुताबिक विपक्षी खेमे के लगभग 27 सांसदों ने एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट किया। यही नहीं, ढांडा ने यह भी कहा कि कम से कम 12 बीजेपी सांसदों ने विपक्ष के उम्मीदवार को वोट दिया। इस तरह चुनाव में क्रॉस वोटिंग दोनों तरफ से हुई।



AAP पर लगे आरोप और सफाई :


कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा था कि आम आदमी पार्टी के सांसदों ने विपक्षी उम्मीदवार के खिलाफ वोट डाला। लेकिन AAP नेताओं ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। अनुराग ढांडा का कहना है कि यह विपक्षी दलों की अंदरूनी कलह का नतीजा है और आरोप बेबुनियाद हैं।


आम आदमी पार्टी के सांसद कितने ?


वर्तमान समय में आम आदमी पार्टी के लोकसभा में तीन सांसद हैं—राज कुमार चब्बेवाल (होशियारपुर), गुरमीत सिंह मीत हेयर (संगरूर) और मलविंदर सिंह कंग (आनंदपुर साहिब)। वहीं, राज्यसभा में AAP के कुल नौ सांसद हैं। इनमें दिल्ली से नारायण दास गुप्ता, स्वाति मालिवाल और संजय सिंह शामिल हैं। पंजाब से राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, हरभजन सिंह और संत बलबीर सिंह राज्यसभा के लिए चुने गए हैं।



परिणाम और शपथ ग्रहण :


9 सितंबर को घोषित नतीजों में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को केवल 300 वोट ही मिल सके। इस तरह सीपी राधाकृष्णन ने 152 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की। 12 सितंबर को वे देश के नए उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में आम आदमी पार्टी ने विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी का समर्थन किया था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार की उपराष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया ने विपक्ष की एकता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्रॉस वोटिंग ने यह साफ कर दिया है कि विपक्षी खेमे में अंदरूनी असंतोष है। वहीं, बीजेपी के कुछ सांसदों की कथित बगावत ने सत्ताधारी दल को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।



Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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