कोरपना के मांडवा में उमड़ा आस्था का सैलाब: विशाल हिंदू सम्मेलन में गूंजा सद्भाव और संस्कृति का शंखनाद
कोरपना के मांडवा में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब। संत ज्ञानेश्वर महाराज रथयात्रा, कीर्तन और ज्ञानेश्वरी पारायण के जरिए दी गई सामाजिक एकता की नई दिशा। सकल हिंदू समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जाति-पाति के भेदभाव को भुलाकर संस्कृति रक्षा का संकल्प लिया गया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

कोरपना (चंद्रपुर): महाराष्ट्र के कोरपना तहसील के अंतर्गत आने वाले मांडवा में बुधवार, 7 जनवरी को 'सकल हिंदू समाज' के तत्वावधान में आयोजित एक भव्य हिंदू सम्मेलन ने समूचे क्षेत्र को भक्ति और एकता के रंग में सराबोर कर दिया। हज़ारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब और श्रद्धा के अनूठे संगम ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण संत ज्ञानेश्वर महाराज की भव्य रथयात्रा रही, जिसने न केवल श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा बल्कि पूरे वातावरण को आध्यात्मिक चेतना से भर दिया।
इस विशाल सम्मेलन का आगाज़ आध्यात्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ, जिसमें भव्य ज्ञानेश्वरी पारायण, ध्यानपाठ और सामुदायिक प्रार्थना का आयोजन किया गया। भक्ति भाव से ओत-प्रोत इस वातावरण में कीर्तन और दहीहंडी काला के कार्यक्रमों ने श्रद्धा की एक नई अलख जगाई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज के भीतर व्याप्त जाति-पाति के भेदभाव को समूल नष्ट करना, अपनी समृद्ध संस्कृति का संरक्षण करना और सामुदायिक विकास के लिए एक सशक्त दिशा प्रदान करना था। इस सम्मेलन ने समाज को एक नई चेतना और एकजुटता का संदेश देने का सफल प्रयास किया।
कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए इसकी अध्यक्षता ह.भ.प. मधुकर ठाकरे महाराज ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सुकनेगांव के प्रसिद्ध कीर्तनकार ह.भ.प. नत्थू महाराज कुमरे उपस्थित रहे। इसके साथ ही संगठन के उपाध्यक्ष मधुकर पायघन, सचिव नागेश्वर पिदूरकर, और संयोजक सचिन मोहितकर, संजय वासेकर व विनायक मोहितकर ने व्यवस्थाओं का कुशलतापूर्वक संचालन किया। सम्मेलन में बौद्धिक वक्ता के रूप में विभाग सह-प्रचारक सागर अहेर, खंड प्रचारक योगेश सावंत, खंड-कार्यवाह कृष्णा वायकोर और खंड सह-कार्यवाह राजकुमार माणुसमारे ने अपने ओजस्वी विचारों से उपस्थित जनसमूह का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम का सफल सूत्र संचालन बापूराव पैसेटवार द्वारा किया गया, जबकि ज्ञानेश्वर महाराज ने प्रास्ताविक भाषण के माध्यम से आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। अंत में सचिन मोहितकर ने आभार प्रदर्शन करते हुए इस सफल आयोजन के लिए समस्त नागरिकों और स्वयंसेवकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। महाप्रसाद के वितरण के साथ संपन्न हुए इस सम्मेलन ने मांडवा और आसपास के परिसरों में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक उत्थान की एक अमिट छाप छोड़ी है।

Manoj Gore (Chandrapur)
नाम: मनोज रामकृष्ण गोरे
वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: चंद्रपुर जिला (महाराष्ट्र)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन
परिचय
मनोज रामकृष्ण गोरे महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के रिपोर्टर हैं। वह मुख्य रूप से चंद्रपुर जिले के प्रशासनिक विभागों की कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं, जनसुनवाई, विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
मनोज रामकृष्ण गोरे को मीडिया क्षेत्र में ग्राउंड रिपोर्टिंग और समाचार संकलन का 5 वर्ष का अनुभव है। वह पिछले पांच सालों से चंद्रपुर जिले के स्थानीय और प्रशासनिक मुद्दों को नियमित रूप से रिपोर्ट कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
