औसा (लातूर)।

लातूर जिले के औसा तालुका स्थित वानवडा रोड पर देर रात सामने आई एक नृशंस और सुनियोजित हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। आधी रात के आसपास घटित इस वारदात में एक व्यक्ति को बोरी में बांधकर कार के भीतर बंद किया गया और फिर उसे जिंदा अवस्था में ही आग के हवाले कर दिया गया। कुछ ही पलों में कार धू-धू कर जल उठी और भीतर मौजूद व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। शव पूरी तरह जलकर राख में तब्दील हो गया।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान गणेश चव्हाण के रूप में हुई है, जो एक निजी फाइनेंस कंपनी में वसूली का कार्य करता था। यह सनसनीखेज घटना रात करीब 12 बजे के आसपास हुई। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने पर स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही औसा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और अंदर मौजूद व्यक्ति की जान नहीं बचाई जा सकी। शव की हालत इतनी भयावह थी कि पहचान करना भी मुश्किल हो गया। पुलिस ने दोपहर करीब 12 बजे घटनास्थल पर पंचनामा कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की और आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू की।

जांच के दौरान घटनास्थल से मिली जली हुई कार पुलिस के लिए अहम सुराग बनी। नंबर प्लेट के आधार पर यह वाहन औसा तांडा क्षेत्र का पाया गया। इसी कड़ी में पुलिस ने रात करीब 3:30 बजे औसा तांडा पहुंचकर वाहन मालिक और उसके परिजनों से पूछताछ की, जिससे मृतक की पहचान की पुष्टि हो सकी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हत्या किन कारणों से की गई। पुलिस आर्थिक लेन-देन, वसूली से जुड़े विवाद या किसी आपराधिक साजिश के एंगल से मामले की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर पुलिस का मानना है कि यह वारदात बेहद क्रूर और पूरी तरह पूर्व नियोजित थी।

इस जघन्य हत्याकांड के बाद औसा तालुका में भय और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित करने के संकेत दिए हैं। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा गई है।

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