धुले/शिरपुर:

शिरपुर तालुका के भरवाड़े इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक तेंदुआ गहरे सूखे कुएं में गिर गया। खेत के बीच स्थित इस कुएं में फंसे तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वन विभाग को करीब 11 घंटे तक लगातार संघर्ष करना पड़ा। लंबी और चुनौतीपूर्ण कार्रवाई के बाद देर रात तेंदुए को बेहोश कर पिंजरे में सुरक्षित कैद किया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

यह घटना भरवाड़े और अर्थे गांव के बीच स्थित दिलीप गिरधर पटेल के खेत में सामने आई। ग्रामीणों ने जब कुएं के भीतर तेंदुए को देखा, तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही सांगवी और बोऱाडी वन परिक्षेत्र की टीमें मौके पर पहुंचीं और दोपहर से ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

करीब 35 फीट गहरे सूखे कुएं में गिरने के कारण तेंदुआ बुरी तरह थक चुका था, लेकिन फिर भी वह पिंजरे में जाने को तैयार नहीं हो रहा था। वनकर्मियों ने रस्सियों और पिंजरे की मदद से उसे बाहर निकालने के कई प्रयास किए, लेकिन हर कोशिश नाकाम रही। तेंदुए की आक्रामक स्थिति और संकरे कुएं के कारण रेस्क्यू और भी जोखिम भरा हो गया।

लगभग 10 से 11 घंटे की लगातार मशक्कत के बाद वन विभाग ने विशेषज्ञों की सलाह पर तेंदुए को डार्ट गन से बेहोश करने का निर्णय लिया। जैसे ही बेहोशी का असर हुआ, वनकर्मी सावधानीपूर्वक कुएं में उतरे और तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में डालकर बाहर निकाला। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और राहत की सांस ली।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तेंदुआ पूरी तरह सुरक्षित है और आगे की चिकित्सकीय जांच के बाद उसे उचित स्थान पर छोड़ा जाएगा। यह सफल रेस्क्यू न केवल वन विभाग की तत्परता और कौशल को दर्शाता है, बल्कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक अहम उदाहरण भी बनकर सामने आया है।

Pratahkal Newsroom

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