नंदुरबार जिले के शहादा शहर में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब भारतीय स्टेट बैंक के सामने व्यस्ततम इलाके में अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने दिनदहाड़े 30 लाख रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पूरी वारदात इतनी योजनाबद्ध और तेज़ी से अंजाम दी गई कि सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन दोनों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।

घटना गुरुवार सुबह की है, जब SBI धड़गांव शाखा के कर्मचारी ग्राहक सेवा केंद्रों को वितरित की जाने वाली नकदी लेने शहादा शाखा पहुंचे थे। सुरक्षा कर्मियों के साथ एक स्विफ्ट डिज़ायर और एक बोलेरो वाहन में कुल 80 लाख रुपये रखे गए। इसी दौरान बोलेरो वाहन के चालक को एक 25 वर्षीय युवक ने, जिसने नीली शर्ट पहन रखी थी, यह कहकर नीचे उतरने को मजबूर किया कि वाहन के नीचे कुछ फंसा हुआ है। चालक जैसे ही जांच के लिए नीचे उतरा, उसी पल टोपी और सफेद शर्ट पहने एक अन्य युवक ने बोलेरो से 30 लाख रुपये की नकदी से भरा बैग उठाया और फिल्मी अंदाज़ में फरार हो गया।

कुछ ही पलों बाद जब चालक वापस वाहन में बैठा तो नकदी बैग गायब था। शोर मचाया गया, लेकिन तब तक लुटेरे मोटरसाइकिल पर सवार होकर भाग चुके थे। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक निलेश देसले और स्थानीय अपराध शाखा के निरीक्षक हेमंत पाटील अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शहरभर में नाकाबंदी कराई गई।

बैंक के सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि वारदात को चार अज्ञात आरोपियों ने अंजाम दिया। इनमें से दो आरोपी पश्चिमी दिशा में धान्य मार्केट की ओर भागे, जबकि बाकी दो नकदी बैग लेकर डोंडाइचा रोड स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा मार्ग से फरार हुए। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें तैनात कर दी हैं और हर संभावित एंगल से जांच जारी है।

इस मामले में ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक रोहिदास आट्या पावरा, निवासी चोंदवाडे खुर्द, तहसील धड़गांव की शिकायत पर शहादा पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दिनदहाड़े हुई इस साहसिक लूट ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पुलिस प्रशासन के सामने आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की बड़ी चुनौती भी खड़ी कर दी है।

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