कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के मुख्याध्यापक राहुल मोरे ने की। परीक्षक मंडल में समुत्कर्ष क्लासेस के संचालक ललित महाजन तथा नवोदय एवं स्कॉलरशिप परीक्षा के मार्गदर्शक संतोष एकलरे विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और भारत के मिसाइल मैन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसने पूरे आयोजन को प्रेरणादायी माहौल प्रदान किया।

विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों के मॉडल विविध विषयों पर आधारित थे—पानी की बचत, सौर ऊर्जा, सेंद्रिय खेती, अन्न व स्वास्थ्य, मानवनिर्मित आपदाएँ, जल प्रबंधन, दळणवळण, ठिबक सिंचन और आधुनिक मशीन लर्निंग जैसे विषयों पर बच्चों ने प्रभावशाली रूप से नवाचारी समाधान प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने प्रत्येक प्रोजेक्ट का बारीकी से निरीक्षण किया और विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच की सराहना की।

प्रदर्शनी को दो समूहों में विभाजित किया गया। पहली-दूसरी कक्षा समूह में प्रथम स्थान प्रणिती नितीन वसईकर को उनके गणितीय उपकरण मॉडल के लिए मिला, जबकि दूसरा स्थान महेश्वरी भिकन सूळ को नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित प्रोजेक्ट के लिए प्रदान किया गया। तीसरे स्थान पर सानवी प्रकाश बोरसे का जलशुद्धीकरण यंत्र रहा। तनुश्री संदीप माली को गणितीय मजेशीर बेरीज-वजाबाकी मॉडल के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया।

तीसरी-चौथी कक्षा समूह में तनुष्का राजेंद्र जाधव ने टाकाऊ पासून टिकाऊ—सुगंधी धूपबत्ती निर्माण मॉडल से पहला स्थान हासिल किया। नव्या कांतीलाल सोनवणे को ‘रस्ता सुरक्षा और अपघात प्रतिबंध’ मॉडल के लिए दूसरा स्थान मिला, जबकि तीसरे स्थान पर हृदया हेमंत परदेशी का गणितीय डिवीजन मॉडल रहा। प्रोत्साहन पुरस्कार पूर्वी संतोष पवार को सेंद्रिय कीटनाशक आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल के लिए मिला।

पूरे आयोजन का सफलतापूर्वक संयोजन शाम शिंदे ने किया। प्रदर्शनी ने न केवल बच्चों में वैज्ञानिक चेतना को प्रोत्साहित किया, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों को भी यह भरोसा दिलाया कि नई पीढ़ी शोध, नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

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