मानपुर के स्कूल भवन के लोकार्पण पर सियासत तेज, कांग्रेस नेत्री ने प्रोटोकॉल और प्रक्रिया पर उठाए सवाल
मानपुर के ग्राम नौगवां स्थित शासकीय आदिवासी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के भवन लोकार्पण पर कांग्रेस नेत्री रोशनी सिंह ने प्रक्रिया, प्रोटोकॉल और जांच की मांग उठाई।

तस्वीर में कांग्रेस नेत्री रोशनी सिंह हरे और पीले रंग की साड़ी में सीधे देखते हुए खड़ी हैं।
जनपद पंचायत मानपुर के ग्राम नौगवां स्थित शासकीय आदिवासी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवीन भवन के लोकार्पण को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेत्री रोशनी सिंह ने भवन के लोकार्पण की प्रक्रिया, समय और कार्यक्रम में प्रोटोकॉल के पालन पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
रोशनी सिंह ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार विद्यालय का संचालन इस भवन में करीब डेढ़ वर्ष से किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि भवन का निर्माण कार्य कब पूरा हुआ, विभाग को इसका हस्तांतरण कब किया गया और विद्यालय का संचालन किस तारीख से शुरू हुआ। उनका कहना है कि यदि भवन पहले से उपयोग में था, तो इतने लंबे समय बाद उसका लोकार्पण किए जाने का औचित्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ ऐसे भवनों का दोबारा लोकार्पण कराया जा रहा है, जिनका पहले किसी स्तर पर उद्घाटन या लोकार्पण हो चुका है। उन्होंने प्रशासन से यह भी जांच कराने की मांग की कि संबंधित भवन का पूर्व में शासन स्तर या डिजिटल माध्यम से लोकार्पण हुआ था या नहीं।
रोशनी सिंह ने कार्यक्रम में प्रोटोकॉल के पालन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे कार्यक्रमों में संबंधित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनपद पंचायत मानपुर की उपाध्यक्ष पूजा चतुर्वेदी का नाम आमंत्रण पत्र में शामिल नहीं किया गया और उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित भी नहीं किया गया, जिसकी जांच आवश्यक है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर पहले से संचालित भवनों के लोकार्पण के लिए सरपंचों और संबंधित विभागों पर दबाव बनाए जाने की बातें सामने आ रही हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन आरोपों की पुष्टि निष्पक्ष जांच और दस्तावेजों के आधार पर ही होनी चाहिए।
रोशनी सिंह ने प्रशासन से भवन निर्माण पूर्ण होने की तिथि, विभाग को हस्तांतरण, विद्यालय संचालन की शुरुआत, लोकार्पण की अनुमति, सरकारी राशि के उपयोग तथा प्रोटोकॉल के पालन सहित पूरे मामले की जांच कर तथ्य सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी भवन जनता के धन से निर्मित होते हैं, इसलिए उनकी निर्माण और लोकार्पण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार होना आवश्यक है। पूरे मामले में अब प्रशासनिक जांच की मांग के साथ लोकार्पण की प्रक्रिया और प्रोटोकॉल को लेकर सवाल केंद्र में आ गए हैं।

Pratahkal Bureau
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