कटनी जिले के रीठी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार मामला टिटनेस यानी TT इंजेक्शन की अनुपलब्धता का है। अस्पताल में TT इंजेक्शन का स्टॉक खत्म होने से चोट, सड़क दुर्घटना और अन्य आपात स्थिति में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को उपचार के बाद भी बाहर मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि टिटनेस का इंजेक्शन संक्रमण से बचाव के लिए बेहद आवश्यक होता है और यह प्रत्येक सरकारी अस्पताल में निःशुल्क उपलब्ध कराया जाना चाहिए। लेकिन रीठी अस्पताल में स्टॉक खत्म होने के कारण मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। गरीब परिवारों के कई मरीज इंजेक्शन खरीदने में असमर्थ हैं और बिना TT इंजेक्शन लगवाए ही घर लौट रहे हैं, जिससे संक्रमण और टिटनेस का खतरा बढ़ सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार इमरजेंसी और ओपीडी में TT इंजेक्शन 24 घंटे उपलब्ध रहना चाहिए। इसके बावजूद अस्पताल में इसकी अनुपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। मरीजों और उनके परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल में जल्द से जल्द TT इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े।

इस मामले में रीठी के प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिले में सप्लाई की कमी के कारण फिलहाल टिटनेस का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। इसकी मांग उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और जल्द ही अस्पताल में TT इंजेक्शन उपलब्ध करा दिया जाएगा।

अब देखने वाली बात यह होगी कि स्वास्थ्य विभाग मरीजों की इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करता है। क्योंकि आपातकालीन स्थिति में टिटनेस का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होना सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मामला है। ऐसे में समय पर सप्लाई सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

Pratahkal Bureau

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