कटनी-जबलपुर नेशनल हाईवे (एनएच-30) पर आवारा मवेशियों की वजह से होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत बहोरीबंद अनुभाग के संवेदनशील क्षेत्रों में हाईवे किनारे अस्थाई गौशालाएं बनाई जाएंगी, जहां सड़क पर घूमने वाले निराश्रित गौवंश को सुरक्षित रखा जाएगा।

प्रशासन की इस व्यवस्था के तहत इन अस्थाई गौशालाओं का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा। समूह मवेशियों के लिए चारा, पानी और उनकी देखरेख की व्यवस्था संभालेंगे, ताकि निराश्रित गौवंश सुरक्षित वातावरण में रह सके और हाईवे पर उनकी आवाजाही कम हो।

दुर्घटना की स्थिति में ए-हेल्प पशु सखी घायल पशुओं का प्राथमिक उपचार करेगी। वहीं घायल लोगों को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने में भी सहयोग किया जाएगा, जिससे आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

एसडीएम प्रदीप मिश्रा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस व्यवस्था के लागू होने से कटनी-जबलपुर हाईवे पर होने वाले सड़क हादसों में प्रभावी कमी आएगी।

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