कटनी जिला चिकित्सालय पहुंचे कलेक्टर आशीष तिवारी, जलभराव और गंदगी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
कटनी जिला चिकित्सालय के औचक निरीक्षण में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जलभराव और गंदगी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तीन दिन में ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। ओपीडी में चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति, मरीजों की सुविधाओं, स्वच्छता और निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक की प्रगति की भी समीक्षा की।

कटनी जिला चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर आशीष तिवारी और अस्पताल के अधिकारी।
कटनी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों का भ्रमण कर उपचार व्यवस्था, चिकित्सकों की उपलब्धता, स्वच्छता और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। अस्पताल परिसर में नालियों के कारण हुए जलभराव और फैली गंदगी को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तीन दिवस के भीतर संपूर्ण ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त कर अस्पताल परिसर को जलभराव मुक्त बनाया जाए।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष मिश्रा सहित अन्य चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने आकस्मिक चिकित्सा कक्ष, पंजीयन कक्ष, सामान्य एवं मेडिसिन ओपीडी, अस्थि रोग, दंत रोग, स्त्री रोग तथा शिशु रोग विभाग का निरीक्षण किया। अधिकांश विभागों में चिकित्सक मरीजों का उपचार करते हुए मिले। शल्य चिकित्सा ओपीडी में चिकित्सक के वार्ड राउंड पर होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक सभी ओपीडी में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उपचार के लिए आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मरीजों और उनके परिजनों के बैठने की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी और प्रतीक्षालयों में बैठने के लिए अतिरिक्त बेंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाला प्रत्येक व्यक्ति सम्मानजनक, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण का अधिकारी है तथा छोटी-छोटी सुविधाएं भी मरीजों के उपचार अनुभव को बेहतर बनाती हैं।
अस्पताल परिसर में जलभराव और गंदगी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने सिविल सर्जन तथा परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था में सुधार तथा परिसर की समुचित सफाई का कार्य तीन दिनों के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्षा ऋतु में अस्पताल परिसर में जलभराव की स्थिति किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी और व्यवस्थाओं में लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
कलेक्टर ने निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक का भी निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि भवन के आसपास प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में जलभराव से अस्पताल की सेवाएं प्रभावित न हों। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उपचार, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों के व्यवहार तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मरीजों की संतुष्टि ही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक कसौटी है। इसलिए प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार, आवश्यक दवाएं, स्वच्छ वातावरण और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने निर्देशित किया कि जिला चिकित्सालय जिले की सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था है। यहां आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण उपचार, बेहतर सुविधाएं और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और चिकित्सकों को जिम्मेदारी तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए।

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