उदगीर से लातूर ले जाते समय गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब साढ़े छह बजे एमएच 14 सीएल 0877 नंबर की 108 एंबुलेंस में तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्वजीत शिंदे और पायलट शिवलिंग स्वामी ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने एक कन्यारत्न को जन्म दिया। नवजात बच्ची का वजन 2 किलो 160 ग्राम है। प्रसव के बाद मां और नवजात को आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए लातूर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सर्वोपचार अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत स्थिर बताई गई है।

जानकारी के अनुसार, एक गर्भवती महिला को आगे के उपचार के लिए उदगीर से लातूर स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सर्वोपचार अस्पताल रेफर किया गया था। इसके बाद रविवार, 25 अक्टूबर को सुबह करीब साढ़े छह बजे महिला को एमएच 14 सीएल 0877 नंबर की 108 एंबुलेंस से लातूर ले जाया जा रहा था।

रास्ते में अचानक महिला को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एंबुलेंस में मौजूद चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्वजीत शिंदे और पायलट शिवलिंग स्वामी ने तत्काल आवश्यक कदम उठाए। मां और बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने एंबुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रोका।

प्रसव पीड़ा बढ़ने और समय की अहमियत को देखते हुए डॉ. विश्वजीत शिंदे ने आवश्यक चिकित्सकीय सावधानियां बरतते हुए एंबुलेंस के भीतर ही प्रसव की प्रक्रिया पूरी कराई। उनकी चिकित्सा दक्षता और सूझबूझ से महिला ने एक स्वस्थ कन्या को जन्म दिया। इस दौरान पायलट शिवलिंग स्वामी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

नवजात बच्ची का वजन 2 किलो 160 ग्राम दर्ज किया गया। यात्रा के दौरान अचानक पैदा हुई इस परिस्थिति में समय पर निर्णय लेने और उचित चिकित्सकीय देखभाल के कारण प्रसव सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।

प्रसव के बाद मां और नवजात बच्ची को आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए लातूर स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सर्वोपचार अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों की प्रकृति स्थिर है।

आमतौर पर एंबुलेंस का उपयोग दुर्घटनाग्रस्त लोगों, गंभीर मरीजों और संकट में फंसे व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जाता है। लेकिन उदगीर से लातूर के सफर के दौरान इसी एंबुलेंस में एक नवजात के आगमन ने इस घटना को भावनात्मक और यादगार बना दिया।

एक ओर प्रसव पीड़ा की स्थिति थी, तो दूसरी ओर मां और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी। ऐसे समय में डॉ. विश्वजीत शिंदे और पायलट शिवलिंग स्वामी ने तत्परता से अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनकी सूझबूझ और समय पर की गई कार्रवाई से परिवार के जीवन में खुशियों का नया अध्याय शुरू हुआ।

संकट की घड़ी में चिकित्सकीय कौशल, तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देने वाली यह घटना 108 एंबुलेंस सेवा के महत्व को रेखांकित करती है। एंबुलेंस के भीतर प्रसव के दौरान बना तनाव नवजात बच्ची के जन्म के साथ खुशी में बदल गया। इस सफल प्रसव के लिए डॉ. विश्वजीत शिंदे और पायलट शिवलिंग स्वामी की सराहना की जा रही है।

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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