कोटा, 15 अप्रैल। भारतीय सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत के संरक्षण हेतु समर्पित संस्था इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इन्टेक) के कोटा चैप्टर द्वारा 'विश्व विरासत दिवस' के उपलक्ष्य में संचालित 'माई हाड़ौती माई हेरिटेज' अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। हाड़ौती की गौरवशाली विरासत को जन-जन से जोड़ने के इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत प्रविष्टियाँ भेजने की अंतिम तिथि को अब जनहित में बढ़ा दिया गया है। कोटा चैप्टर के कन्वीनर निखिलेश सेठी ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि हाड़ौती क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने तथा उनके प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान में अब प्रतिभागी 18 अप्रैल 2026 तक अपनी प्रविष्टियाँ भेज सकेंगे। आमजन के मध्य बढ़ते उत्साह और सक्रिय भागीदारी को देखते हुए संस्था ने यह निर्णय लिया है, ताकि कोटा सहित बूंदी, बारां और झालावाड़ के नागरिक अपनी विरासत को कैमरे में कैद कर इस मंच के माध्यम से वैश्विक पटल पर साझा कर सकें।

अभियान की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इसके अंतर्गत प्रतिभागी हाड़ौती क्षेत्र की मूर्त विरासत, जिनमें ऐतिहासिक इमारतें, प्राचीन स्मारक, मूर्तियाँ, कलाकृतियाँ और पारंपरिक बावड़ियाँ शामिल हैं, उनके छायाचित्र भेज सकते हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के विशिष्ट प्राकृतिक विरासत स्थलों के फोटो भी आमंत्रित किए गए हैं। इस पहल का मूल ध्येय उन अनछुए और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण स्थलों को मुख्यधारा में लाना है जो हमारी परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं। चयनित छायाचित्रों को इन्टेक कोटा के आधिकारिक फेसबुक पेज एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाड़ौती के पर्यटन और संस्कृति को एक नवीन पहचान प्राप्त हो सके।

प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. एकता जैन सेठी ने तकनीकी अनिवार्यताओं को स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रतिभागियों को अपने फोटो के साथ ब्लॉक लेटर्स में कुछ आवश्यक विवरण संलग्न करने होंगे, जिसमें विरासत स्थल का नाम, उसका सटीक स्थान और प्रेषक का नाम अंकित होना अनिवार्य है। इच्छुक प्रतिभागी अपनी प्रविष्टियाँ केवल व्हाट्सएप नंबर 8800265975 पर प्रेषित कर सकते हैं। इस अवसर पर को-कन्वीनर बीएस हाड़ा ने क्षेत्र के युवाओं, पेशेवर फोटोग्राफरों और इतिहास प्रेमियों से आह्वान किया है कि वे इस अभियान का हिस्सा बनकर अपनी सांस्कृतिक जड़ों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। यह आयोजन न केवल एक प्रतियोगिता है, बल्कि हाड़ौती की स्थापत्य कला और प्राकृतिक सौंदर्य को भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रलेखित करने का एक गंभीर प्रयास है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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