पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए प्राकृतिक संतुलन का बने रहना अनिवार्य है, क्योंकि यदि जैव विविधता का संतुलन बिगड़ा तो आने वाली पीढ़ियों पर एक भयानक संकट मंडराएगा। यह गंभीर चेतावनी शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने दी। अवसर था राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण तथा शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित एक विशेष कार्यक्रम का। शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आवासन मंडल, केशवपुरा में विश्व जैव विविधता दिवस के उपलक्ष्य में एक वैचारिक गोष्ठी और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन कर भावी पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण का पुरजोर संदेश दिया गया।

मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा सहकारी सभा के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने कहा कि पृथ्वी पर जीवन का संतुलन बनाए रखने में जैव विविधता की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि आज वन, जल, वन्यजीव एवं विभिन्न प्रजातियों का संरक्षण करना बेहद अनिवार्य हो चुका है। यदि मानवीय हस्तक्षेप या लापरवाही से इन प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन बिगड़ा, तो इसके गंभीर परिणाम हमारी आने वाली पीढ़ियों को भुगतने होंगे। उन्होंने वहां उपस्थित विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण करें और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम की संयोजक योगिता महावर ने जैव विविधता दिवस की महत्ता और इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रकृति में मौजूद प्रत्येक छोटे-बड़े जीव और वनस्पति का अपना एक विशेष योगदान होता है, जिसके बिना पारिस्थितिकी तंत्र अधूरा है। उन्होंने विद्यार्थियों को जल संरक्षण करने, दैनिक जीवन में प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने तथा प्रकृति के प्रति पूरी तरह जिम्मेदार व्यवहार करने की प्रेरणा दी। इसी कड़ी में यूनिट लीडर्स नीलम पारेता ने भी जैव विविधता संरक्षण को मानव जीवन के अस्तित्व के लिए परम आवश्यक बताया और सभी से प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने का संदेश दिया।

इस वैचारिक मंथन के दौरान युवा चेतना भी मुखर होकर सामने आई, जिसमें रोवर उमेश, स्काउट प्रतीक सिंह एवं जसवंत तथा गाइड धरणी कुमारी और डिम्पल महावर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इन युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण के पावन उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए व्यक्तिगत प्रयासों के स्थान पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

बौद्धिक विमर्श के पश्चात विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन और जागरूकता की परख के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में मुख्य रूप से जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से जुड़े अत्यंत ज्ञानवर्धक प्रश्न पूछे गए, जिसमें विद्यार्थियों ने असाधारण उत्साह दिखाते हुए अपनी उत्कृष्ट जानकारी का प्रदर्शन किया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय विद्यालय के स्काउट-गाइड एवं कब बुलबुल, मां कल्याणी ओपन रेंजर टीम की रेंजर्स, सरोजनी नायडू ओपन गाइड कंपनी की गाइड्स तथा चंद्र शेखर आजाद OPEN रोवर क्रू के रोवर्स की अत्यंत सक्रिय सहभागिता रही, जिसने इस आयोजन के दूरगामी संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की नींव रखी।

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