कोटा, 30 सितंबर। भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने केंद्र सरकार द्वारा विपणन सीजन 2027–28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई मामूली वृद्धि पर रोष जताया है। उन्होंने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में सिर्फ 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को किसानों के साथ अन्याय बताते हुए इसकी निंदा की।

मनोज दुबे ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आय में आठ गुना तक भारी बढ़ोतरी का दावा करती है। उन्होंने कहा कि किसान की आय आठ गुना बढ़ाने का दावा करने वाले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान की उपस्थिति में ही गेहूं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य सिर्फ 25 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है, जो एक फीसदी से भी कम है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2027-28 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया है। यानी इसमें सिर्फ 25 रुपये की वृद्धि हुई है, जो करीब 0.97 फीसदी है। मनोज दुबे ने कहा कि किसानों की आय आठ गुना तक बढ़ाने की बात करने वाली भाजपा सरकार द्वारा गेहूं के दाम में की गई यह नाम मात्र की बढ़ोतरी किसानों के साथ छलावा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी मामूली न्यूनतम समर्थन मूल्य वृद्धि से किसान की आय आठ गुना तक बढ़ेगी।

मनोज दुबे ने कहा कि बढ़ती लागत और फसलों पर मौसम की मार के बीच केंद्र सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में मात्र 25 रुपये, यानी एक फीसदी से भी कम की बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि जिन फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में अधिक वृद्धि की गई है, उनकी सरकारी खरीद बहुत कम होती है। उनके अनुसार, कुल मिलाकर किसानों के हाथ निराशा लगी है।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल, खाद, जुताई और सिंचाई महंगी है, लेकिन बाजार में फसल का भाव कम है। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का दावा करती है, लेकिन गेहूं पर मात्र 25 रुपये की वृद्धि कर किसानों का अपमान करती है। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही खाद-बीज की किल्लत से परेशान हैं और न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा खरीद व्यवस्था की अव्यवस्था से त्रस्त हैं।

मनोज दुबे ने कहा कि किसान कर्ज के बोझ से परेशान होकर आत्महत्या करने को मजबूर है। किसान बिजली कटौती और सिंचाई संकट से भी जूझ रहा है। ऐसे में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में मात्र 25 रुपये की वृद्धि को उन्होंने किसानों के प्रति घोर अत्याचार बताया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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