पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर में हाल ही में आयोजित क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की उच्च स्तरीय बैठक में हाड़ौती क्षेत्र की प्रमुख रेल समस्याओं और विकास परियोजनाओं को लेकर गंभीर मंथन हुआ। बैठक में कोटा संभाग के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता एवं ZRUCC सदस्य आशीष मेहता ने कोटा संभाग, विशेषकर दीगोद, सिमलिया और सुल्तानपुर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी तथा यात्री सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे महाप्रबंधक के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाए। महाप्रबंधक ने इन विषयों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बैठक में ZRUCC सदस्य आशीष मेहता ने बहुप्रतीक्षित कोटा-श्योपुर नई रेल लाइन परियोजना की धीमी गति और वर्तमान स्थिति पर कड़े सवाल किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना आदिवासी बहुल क्षेत्र के विकास के लिए जीवन रेखा के समान है, जिसे समयबद्ध तरीके से पूरा करना अनिवार्य है। इस पर रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कार्य में तेजी लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, बजट की कमी से काम प्रभावित न हो, इसके लिए परियोजना की संशोधित लागत का नया अनुमान तैयार कर अंतिम स्वीकृति एवं बजट आवंटन हेतु रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है।

मेहता ने सुल्तानपुर क्षेत्र के भौरा रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग भी रखी। उन्होंने बताया कि कोटा-इटावा एक्सप्रेस वर्तमान में कोटा के बाद सीधे दीगोद रुकती है, जो मुख्य आबादी से दूर है। सुल्तानपुर नगर के निकट स्थित भौरा स्टेशन पर इस ट्रेन के रुकने से लाखों ग्रामीण यात्रियों को लाभ होगा। इस प्रस्ताव पर रेलवे प्रशासन ने सूचित किया कि गाड़ी संख्या 19811-12 कोटा-इटावा एक्सप्रेस के भौरा स्टेशन पर ठहराव का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है, जिसकी स्वीकृति प्रतीक्षित है। साथ ही, उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भौरा स्टेशन के सौंदर्यीकरण और कायाकल्प के लिए रेलवे का आभार व्यक्त किया।

क्षेत्र की सुरक्षा एवं अवसंरचना पर चर्चा करते हुए मेहता ने बताया कि ट्रैक पर फेंसिंग न होने से मवेशी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे रेल संचालन और यात्री सुरक्षा प्रभावित होती है। उन्होंने अंडरपास में जलभराव का मुद्दा भी उठाया। रेलवे ने जानकारी दी कि मिशन रफ्तार के तहत मथुरा-नागदा खंड में ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग का कार्य पूरा हो चुका है। जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सभी प्रभावित अंडरपासों में पंपिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है और संरचनात्मक सुधार किए गए हैं ताकि भविष्य में जल निकासी बाधित न हो।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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