कोटा। जीवन में विपरीत परिस्थितियां और कठिन दौर आने पर भी धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। धैर्य, संयम और सम्यक पुरुषार्थ के जरिए ही जीव अपने परिणामों को निर्मल बना सकता है। यह संदेश रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा में गणधर मुनि श्री 108 विवर्धन सागर जी महाराज ने दिया।

विराग वर्धन वर्षायोग-2026 के अंतर्गत गणधर मुनि श्री 108 विवर्धन सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजित धर्मसभा में कर्मबंधन, सम्यक पुरुषार्थ और विपरीत परिस्थितियों में धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा बनाए रखने पर मार्गदर्शन दिया गया। मुनिश्री ने समझाया कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, धर्म और संयम का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।

गणधर मुनि श्री 108 विवर्धन सागर जी महाराज ने कहा कि मिथ्यात्व, अविरति, कषाय और योग के माध्यम से कर्मों का आस्रव निरंतर होता रहता है। इसके कारण जीव कर्मबंधन में बंधता जाता है। अशुभ कर्मों की श्रृंखला को तोड़ने के लिए सम्यक पुरुषार्थ आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शुभ कर्मों के माध्यम से जीवन के परिणामों को निर्मल बनाने का निरंतर प्रयास करना चाहिए।

मुनिश्री ने विभिन्न धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म पर दृढ़ रहने वाला व्यक्ति अपना आत्मबल बनाए रखता है। उन्होंने सीता, अनंतमती और अनंगसरा के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए समझाया कि विपत्तियों और भय के बीच भी धर्म के प्रति अटूट विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। भय और संक्लेश के कारण जीव के कर्मों का तीव्र आस्रव होता है, जबकि धैर्य, संयम और सम्यक दृष्टि जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं।

मुनिश्री ने कहा कि वियोग और विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म के प्रति श्रद्धा विचलित नहीं होनी चाहिए। धर्म की वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपने आचरण को धर्म के अनुरूप बनाए रखना चाहिए।

अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा एवं मंत्री पंकज खटोड़ ने बताया कि धर्मसभा का शुभारंभ श्रीमान पाटनी परिवार द्वारा चित्र अनावरण, पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट के पुण्यार्जन के साथ हुआ। श्री अर्पित जैन ने मंगलाचरण किया। सभा का संचालन अशोक जैन ने किया।

धर्मसभा में टीकम पाटनी, रामबाबू जैन, पारस लुहाड़िया, आशीष ठोला, अशोक पापड़ीवाल, नितेश खटोड़, सुरेंद्र अजमेरा, जितेंद्र लुहाड़िया और प्रियंक सिंघई सहित अनेक समाजबंधु उपस्थित रहे। धर्मसभा में मुनिश्री ने कर्मबंधन से बचने, सम्यक पुरुषार्थ करने और जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी धर्म के प्रति अडिग श्रद्धा बनाए रखने का संदेश दिया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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