अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस के पावन अवसर पर विश्वेरा सखी ग्रुप द्वारा एक बेहद संवेदनशील और विचारणीय थीम 'रिश्तों की बगिया में डुबकी' पर एक प्रभावपूर्ण और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आधुनिक युग में लुप्त होते जा रहे पारिवारिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से आयोजित यह भव्य गरिमामयी कार्यक्रम श्रीमती कविता दुगेरिया की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती कला जैन रहीं, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक विशिष्ट बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक परंपरा के अनुसार श्रीमती आशा धनोपिया एवं मैना दुगेरिया द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया, जिसके पश्चात मीनाक्षी द्वारा सुमधुर मंगलाचरण की प्रस्तुति देकर संपूर्ण माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया गया।

आयोजन के मुख्य सत्र में आज के दौर में रिश्तों के घटते महत्त्व और उनकी सार्थकता पर विशेष प्रकाश डालते हुए ग्रुप की सचिव श्रीमती शशि पाटनी एवं सुधा जैन ने गहन विचार व्यक्त किए। आधुनिक युग में तेजी से टूटते संयुक्त परिवारों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ग्रुप की सदस्यों द्वारा 'रिश्ते खत्म होते जा रहे हैं' विषय पर एक मर्मस्पर्शी लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। इस लघु नाटिका के माध्यम से एकल परिवार की विसंगतियों, समस्याओं और बुजुर्गों के अकेलेपन के मर्मभेदी दर्द को मंच पर बेहद सजीवता के साथ दर्शाया गया, जिसे देख वहां उपस्थित सदस्यों की आँखें नम हो गईं। इसके साथ ही ग्रुप की सखियों ने दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा-चाची और मामा-मामी जैसे हमारे पारंपरिक और अनमोल रिश्तों की अहमियत को अत्यंत सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर जीवंत कर दिया। पूरे कार्यक्रम का कुशल और सफल मंच संचालन श्रीमती अनीता पटौदी द्वारा अपने चिर-परिचित और प्रभावी अंदाज़ में किया गया।

गंभीर संदेशों के साथ-साथ कार्यक्रम में आनंद, जीवंतता और उत्साह का रंग घोलने के लिए श्रीमती नम्रता चंदन द्वारा कई मनोरंजक और मज़ेदार गेम्स आयोजित किए गए, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर आकांक्षा, स्वाति, रितु, रंजना, नम्रता, प्रियंका, अर्चना, शालिनी, नीलू, रीटा, सिद्धेश्वरी, चयन, अनीता, माधुरी, मीनाक्षी, चंद्रेश, ज्योति, प्रीति, रेखा, नेहा और टीना सहित ग्रुप की सभी सम्मानीय सदस्याएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंतिम चरण में एक शोक सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें रीवा में हुई हृदय विदारक घटना में पूज्य श्री श्रुतमति एवं उपशममती माताजी की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक समाधि पर गहरा शोक व्यक्त किया गया और ग्रुप द्वारा उन्हें भावभीनी विनयांजलि अर्पित की गई। यह आयोजन समाज को रिश्तों को सहेजने का एक बड़ा संदेश देने में पूरी तरह सफल रहा।

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