युगानुकूल शिक्षण और संस्कारित समाज के निर्माण का संकल्प: कोटा में विद्या भारती का प्रशिक्षण संपन्न
कोटा में संपन्न हुए विद्या भारती के आठ दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शिक्षकों को दी गई युगानुकूल शिक्षा और संस्कारों की नई सीख। क्या विद्यालय सच में समाज जागरण का केंद्र बन सकते हैं? जानिए इस महात्वाकांक्षी पहल और गोविंद कुमार के प्रेरणादायक संबोधन की पूरी खबर।

विद्या भारती कोटा में आयोजित कार्यशाला के समापन अवसर पर अनिता सेन, देवेंद्र कुमार जैन, डॉ. महेश शर्मा और गोविंद कुमार।
विद्या भारती शिक्षा संस्थान, कोटा द्वारा आयोजित आठ दिवसीय गहन आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुक्रवार को एक गरिमामय वातावरण में समापन हुआ। नवीन आचार्य, वैदिक गणित, अंग्रेजी स्पोकन और शिशु वाटिका विषयों पर केंद्रित इस कार्यशाला ने शिक्षा जगत के समक्ष एक नई दृष्टि प्रस्तुत की है। समापन सत्र में राजस्थान क्षेत्रीय संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित होकर भविष्य की शिक्षा व्यवस्था और समाज निर्माण में शिक्षकों की महती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते दौर में आचार्यों को अपनी शिक्षण पद्धति को युगानुकूल बनाना अनिवार्य है, साथ ही विषय पर पूर्ण महारत ही विद्यार्थियों के प्रति वास्तविक न्याय है।
गोविंद कुमार ने बालकों के सर्वांगीण विकास हेतु दैनिक दिनचर्या में अनुशासन और ध्यान के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय मात्र ज्ञान प्रदान करने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि वे समाज जागरण के सक्रिय केंद्र हैं। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों का रोल मॉडल बताते हुए आह्वान किया कि उन्हें बच्चों में संयम, राष्ट्रभक्ति और संस्कारित जीवनशैली विकसित करने के अपने मूल दायित्व को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने विद्यालय को एक विस्तृत परिवार की संज्ञा देते हुए कहा कि आचार्य, दीदी, पूर्व छात्र और अभिभावकों का सामंजस्य ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति के संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया गया। संगठन मंत्री ने सुझाव दिया कि बालकों में अपनी जड़ों के प्रति प्रेम जगाने के लिए जन्मदिन मनाने जैसी परंपराओं को भारतीय तिथि और परिधानों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। विद्यालय प्रबंध समितियों से उन्होंने अपेक्षा की कि वे समाज के हर वर्ग को विद्यालयी गतिविधियों से जोड़कर शिक्षा और समाज के बीच के सेतु को और अधिक सुदृढ़ करें।
इस आठ दिवसीय सघन प्रशिक्षण वर्ग में चित्तौड़ प्रांत की शिशु वाटिका प्रमुख अनिता सेन, विद्यालय प्राचार्य डॉ. महेश शर्मा और जिला विद्या भारती मंत्री देवेंद्र कुमार जैन सहित शिक्षा जगत के अनेक प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। प्रांत भर से आए प्रशिक्षणार्थियों ने पूरी निष्ठा के साथ शिक्षण विधाओं का कौशल अर्जित किया। समापन सत्र का अंत सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने उपस्थित सभी जनों में राष्ट्र सेवा का संकल्प और ओजस्वी ऊर्जा का संचार किया। यह आयोजन केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम न होकर, शिक्षा के माध्यम से समाज में एक नए वैचारिक युग के सूत्रपात की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुआ है।

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