कोटा। विज्ञान नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को प.पू. गणिनी आर्यिका विभा श्री माताजी के सान्निध्य में विराग–विशुद्ध–विभा सभागार का विधिवत शिलान्यास सम्पन्न हुआ। इस भव्य अवसर पर सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे और धर्म–सद्भावना के साथ इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का हिस्सा बने।

मुख्य शिलान्यास का कार्य कमला बाई, रूपचंद, चेतनप्रकाश लूणवाला एवं बंसल परिवार द्वारा संपन्न किया गया। पंडित जितेंद्र शास्त्री के निर्देशन में प्रातः 9 बजे शांतिधारा, अभिषेक और मंगलाचारण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके उपरांत शिलान्यास स्थल पर यंत्र पूजन, भूमि संस्कार और वास्तु जागरण मंत्रोच्चार के साथ सौभाग्यवर्ती शिला, बीजाक्षर शिला एवं नंदीयावर्त स्वस्तिक की स्थापना की गई। विधिपूर्वक स्वर्ण, रजत, ताम्र एवं पीतल की शिलाओं सहित पांच मंगल कलश की स्थापना भी की गई।

महामंत्री अनिल ठौरा ने बताया कि रजत उपकरणों से मिट्टी निकालने का सौभाग्य समाज के श्रेष्ठि परिवारों को प्राप्त हुआ। चाँदी की गैती, रजत फावड़ा और रजत तगारी से कार्य सम्पन्न हुआ। रजत उपकरणों का उपयोग करने का सम्मान रवि नायक, रूपचंद बंसल, राजेन्द्र पाटनी और ईश्वर सोनी को मिला। चारों दिशाओं में शिला स्थापित करने का सौभाग्य मनोज जैसवाल, आशीष जैसवाल, राजमल पाटौदी, विनोद टोरडी और महावीर अजमेरा को प्राप्त हुआ। सभागार का आकार 40 गुणा 155 वर्ग फीट तथा ऊँचाई 21 फुट निर्धारित की गई है।

इस अवसर पर प्रवचन देते हुए आर्यिका विभा श्री माताजी ने कहा कि धन का वास्तविक उपयोग तभी सार्थक होता है जब उसे धर्म और समाजहित में लगाया जाए। माताजी ने स्पष्ट किया कि “जिस धन का उपभोग कर लिया जाता है, वह मिट्टी समान हो जाता है, जबकि धर्मभूमि में लगाया गया धन अनंत फलदायी होता है।” उन्होंने समाज के लोगों को मितव्ययी धन प्रयोग और प्रतिदिन पुण्य संचय की प्रेरणा दी। माताजी ने आचार्य भगवान द्वारा बताए गए पुण्य के दो मुख्य कार्य—प्रतिदिन भगवान की पूजा तथा साधु-संतों की सेवा में दान—पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान पंडित जितेंद्र शास्त्री और स्वतंत्र भैया का सम्मान किया गया। भक्तामर महिला मंडल द्वारा पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन पी. के. हरसौरा ने किया। इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य लोग जैसे राजमल पाटौदी, विनोद टोरडी, प्रकाश बज, पदम बडला, अनिल ठौरा, रितेश सेठी, ताराचंद बडला, राजेन्द्र बज, अंकित जैन, अशोक पहाडिया, पवन ठोरा, पारस जैन, दीपक डीसीएम और अशोक मिश्ररोली उपस्थित रहे।

विराग–विशुद्ध–विभा सभागार का शिलान्यास न केवल धर्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज के साझा प्रयास और पुण्यकारी गतिविधियों का प्रतीक भी है। इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि समाजहित में लगाया गया धन न केवल स्थायी प्रभाव डालता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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