कोटा। जैन समाज के लिए ऐतिहासिक और भव्य मंगल प्रवेश का अद्भुत आयोजन 25 दिसंबर गुरुवार को कोटा के तलवंडी क्षेत्र में हुआ। परमपूज्या सिद्धान्त रत्न, भारत गौरव एवं सर्वाधिक दीक्षा प्रदात्री गुरूमाँ गणिनी आर्यिकाश्री 105 विशुद्धमति माताजी एवं ब्रह्मविद्या वाचस्पति, प्रज्ञा पद्मिनी पट्टगणिनी आर्यिकारत्न 105 विज्ञमति माताजी के 8 पिच्छी ससंघ का यह मंगल प्रवेश श्रद्धालुओं के लिए अनुपम अनुभव बन गया।

अध्यक्ष अशोक पहाड़िया ने बताया कि मंगलविहार प्रातः 7.30 बजे रामपुरा स्थित जैन गली से प्रारंभ हुआ, जो गुमानपुरा मार्ग और शॉपिंग सेंटर जैन मंदिर के दर्शन करते हुए एरोड्रम मार्ग से श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, तलवंडी पहुंचा। महामंत्री प्रकाश सामरिया ने बताया कि प्रातः लगभग 8.30 बजे हवाई अड्डे के सामने से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों, धार्मिक ध्वजों, घोड़े और ऊंटगाड़ी के साथ शहनाई वादन, कच्छी घोड़ी नृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियां शामिल थीं। लोक कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं का ध्यान केंद्रित करती रहीं।

मार्ग में जगह-जगह स्वागत द्वार सजाए गए थे और श्रद्धालुओं ने आर्यिकाश्री 105 विशुद्धमति माताजी का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। शोभायात्रा में पुरुष श्रद्धालु श्वेत कुर्ता-पायजामा पहनकर हाथों में जिनधर्म का ध्वज लिए पंक्तिबद्ध चल रहे थे, जबकि महिलाएं पीत वस्त्रों में महावीर स्वामी के जयकारों के साथ मंगलाचरण करती हुई शामिल हुईं।

सकल दि.जैन समाज कार्याध्यक्ष जे.के. जैन ने बताया कि शोभायात्रा में पाठशाला के बच्चों, महिला मंडलों, गणमान्य श्रेष्ठिजनों और युवाओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही। अध्यक्ष अशोक पहाड़िया ने कहा कि माताजी के प्रवास के दौरान श्रद्धालुओं को शीतकालीन वाचना का लाभ प्राप्त होगा। पाद प्रक्षालन, दीप प्रज्वलन और शास्त्र भेंट का पुण्य अशोक–मंजू पहाड़िया परिवार और ओम–माधुरी अग्रवाल परिवार ने अर्जित किया।

उद्बोधन में आर्यिका विज्ञमति माताजी ने समाज में धर्म और संस्कारों की निरंतर सुदृढ़ता पर जोर देते हुए सभी श्रद्धालुओं को धर्मवृद्धि और सुखी जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया। जे.के. जैन ने याद दिलाया कि वर्ष 2008, 2018 और 2019 में कोटा में गुरूमाँ विशुद्धमति माताजी के सान्निध्य में आयोजित ऐतिहासिक आयोजनों ने जैन समाज को नई दिशा और ऊर्जा दी थी।

इस भव्य मंगल प्रवेश ने न केवल कोटा के जैन समाज में उत्साह और श्रद्धा को बढ़ाया, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखते हुए समाज को नई प्रेरणा दी।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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