कोटा की प्राकृतिक धरोहर और जैव विविधता को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व पर आधारित बहुप्रतीक्षित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘एन्चैंटिंग मुकुंदरा’ का पोस्टर और ट्रेलर आज औपचारिक रूप से जारी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संभागीय मुख्य वन संरक्षक सुगना राम जाट रहे, जबकि अध्यक्षता सी सी एफ सोनल जौरिहार ने की और विशिष्ट अतिथि के रूप में डी सी एक मुथु एस उपस्थित थे।

फिल्म के निर्देशक अमित गोस्वामी हैं, जबकि निर्माता कौशल बंसल, डॉ. कपिल सिद्धार्थ और अलौकिक जैन हैं। यह डॉक्यूमेंट्री जनवरी माह में रिलीज़ होगी और इसका वर्ल्ड प्रीमियर 1 फरवरी को चम्बल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में आयोजित किया जाएगा। फिल्म मुकुंदरा राष्ट्रीय उद्यान की अनछुई सुंदरता, जैविक विविधता और वहां के जीवन चक्र को अत्यंत संवेदनशील एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।

ट्रेलर में घने जंगल, बहती नदियाँ, पहाड़ियाँ और घाटियाँ दर्शकों को प्रकृति के जादुई संसार में ले जाते हैं। इसके अलावा बाघ, तेंदुआ, स्लॉथ बियर, सांभर, चीतल और अनेक रंग-बिरंगे पक्षियों की झलक फिल्म को रोमांचक एवं भावनात्मक बनाती है। फिल्म का पोस्टर भी मुकुंदरा की रहस्यमयी और आकर्षक छवि को दर्शाता है, जिसमें जंगल की शांति, शक्ति और सौंदर्य का अद्वितीय संगम दिखाई देता है।

मुख्य अतिथि सुगना राम जाट ने कहा कि ‘एन्चैंटिंग मुकुंदरा’ केवल दृश्यात्मक प्रस्तुति नहीं है, बल्कि यह वन संरक्षण, जैव विविधता के महत्व और प्रकृति के साथ मानव के संतुलित सह-अस्तित्व का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि मुकुंदरा टाइगर रिज़र्व न केवल वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है।

अध्यक्ष सोनल जौरिहार ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री का मुख्य उद्देश्य लोगों में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना जागृत करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस प्राकृतिक धरोहर का अनुभव कर सकें। विशिष्ट अतिथि मुथु एस ने अपने वक्तव्य में बताया कि फिल्म केवल सौंदर्य प्रदर्शन नहीं बल्कि वन संरक्षण, जैव विविधता और प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि फिल्म में आधुनिक सिनेमैटोग्राफी तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे प्राकृतिक दृश्यों को अत्यंत जीवंत और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जा सका है।

मुकुंदरा रामगढ़ टाइगर संस्था के सचिव कौशल बंसल ने कहा कि कोटा को अब तक लोग शिक्षा और उद्योग के लिए जानते थे, लेकिन ‘एन्चैंटिंग मुकुंदरा’ के माध्यम से हम दुनिया को यह दिखाना चाहते हैं कि यहाँ की वाइल्डलाइफ भी वर्ल्ड क्लास है। उनका मानना है कि इस फिल्म को देखने के बाद हर प्रकृति प्रेमी मुकुंदरा आने के लिए प्रेरित होगा।

रंगकर्म और कला संस्था के निदेशक डॉ. कपिल सिद्धार्थ ने कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री में केवल जानवरों या पेड़ों को नहीं दिखाया गया, बल्कि मुकुंदरा की आत्मा को छूने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक और उत्कृष्ट बैकग्राउंड स्कोर के माध्यम से दर्शक स्वयं जंगल में मौजूद महसूस करेंगे।

‘एन्चैंटिंग मुकुंदरा’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों के साथ-साथ विभिन्न डिजिटल और शैक्षणिक प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रदर्शित किया जाएगा। टाइगर मैन दौलत सिंह शक्तावत, होटल फेडरेशन कोटा डिवीज़न के अध्यक्ष अशोक माहेशवरी, अन्य पदाधिकारी, वन्यजीव प्रेमी, पर्यावरण विशेषज्ञ, मीडिया प्रतिनिधि और फिल्म जगत से जुड़े गणमान्य लोग इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस फिल्म के माध्यम से भारतीय और विदेशी पर्यटक मुकुंदरा के अद्भुत सौंदर्य का आनंद लेने कोटा की ओर आकर्षित होंगे।

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Pratahkal Bureau

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