आस्था, श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम का साक्षी बना दादाबाड़ी स्थित वैष्णो देवी ज्योति मंदिर, जहां गुरुवार को मंदिर के 43वें स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया। माता रानी के दिव्य विग्रह का अलौकिक श्रृंगार, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हवन-पूजन और अखण्ड ज्योति के दर्शन ने पूरे परिसर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।

मंदिर प्रबंधक सनमीत सिंह बंटी ने बताया कि स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया। माता वैष्णो देवी की प्रतिमा का आकर्षक एवं दिव्य श्रृंगार हरप्रीत कौर, प्रभरानी कौर और आशीष शर्मा द्वारा किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। दिनभर मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और माता के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।

इस पावन अवसर पर विधिवत हवन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर माता रानी का आह्वान किया। हवन-पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं को छोले, हलवा और लड्डू का प्रसाद वितरित किया गया, जबकि भगवान को छप्पन भोग अर्पित कर विशेष भोग सेवा संपन्न हुई।

स्थापना दिवस के दौरान दुर्गा माता की भव्य झांकी सजाई गई, जिसके समक्ष अखण्ड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई। अखण्ड ज्योति के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का निरंतर तांता लगा रहा। इसके साथ ही भगवान हनुमान, शिवजी, गणेश जी और साईं बाबा की आकर्षक झांकियों के भी दर्शन कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ अर्जित किया।

श्रद्धा, सेवा और समर्पण से परिपूर्ण यह आयोजन न केवल मंदिर के गौरवशाली इतिहास को स्मरण करने का अवसर बना, बल्कि भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक चेतना का सशक्त केंद्र भी सिद्ध हुआ। वैष्णो देवी ज्योति मंदिर का 43वां स्थापना दिवस कोटा की धार्मिक परंपरा में एक स्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।

Pratahkal Bureau

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