स्वामी अवधेशाचार्य की अपील: सनातन हित में शंकराचार्य विवाद समाप्त करें
अयोध्या के पीठाधीश्वर ने स्वामी अविमुक्तेश्वानंद से विवाद रोकने का आग्रह किया और इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध राजनीतिक प्रोपेगेंडा बताया।

कोटा में पत्रकारों से वार्ता करते बड़ा भक्तमाल अयोध्या के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य जी महाराज, जिन्होंने शंकराचार्य विवाद को सनातन के लिए हानिकारक बताया।
"शंकराचार्य विवाद इस समय सनातन धर्म और हिन्दू समाज को नुकसान पहुंचा रहा है। एक संत होने के नाते मैं स्वामी अविमुक्तेश्वानंद से प्रार्थना करता हूं कि वे इस विवाद को समाप्त करें।" यह बात बड़ा भक्तमाल अयोध्या के पीठाधीश्वर, रामधाम सेवा आश्रम के संस्थापक स्वामी अवधेशाचार्य जी महाराज ने पत्रकारों से बातचीत में कही।
राजनीतिक प्रोपेगेंडा और गंगा स्नान का उद्देश्य
उन्होंने कहा कि "यदि गंगाजी में स्नान करना ही उद्देश्य था, तो गंगा वहीं बह रही थी—जहां चाहें वहां स्नान किया जा सकता था। लेकिन अनावश्यक रूप से विवाद को तूल देकर यह पूरा मामला राजनीतिक रंग दिया गया, जिसका एकमात्र उद्देश्य योगी आदित्यनाथ को नुकसान पहुंचाना प्रतीत होता है।"
सरकार के कार्यों और गौ रक्षा पर विचार
अवधेशाचार्य जी महाराज ने निम्नलिखित प्रमुख बातें रखीं:
- गाय की रक्षा की बात करने वाले यह भूल जाते हैं कि गाय संरक्षण के लिए न तो योगी जी ने कभी मना किया और न ही नरेन्द्र मोदी ने।
- धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय मोदी जी ने लिया।
- आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी उन्हीं के नेतृत्व में हुई।
- उत्तर प्रदेश में गुंडाराज के खात्मे का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी पर स्पष्टीकरण
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज तक शंकराचार्य पद को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने केवल इतना कहा कि "हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता, जैसे हर व्यक्ति मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री नहीं बन सकता—यह एक सामान्य और सत्य कथन है।"
न्यायालय का सम्मान और पीठ की मर्यादा
अवधेशाचार्य जी ने सवाल उठाया कि यदि इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट से कोई रोक नहीं है, तो इसे स्वीकार करने में आपत्ति क्यों? यदि न्यायालय की अनुमति है, तो संत समाज, योगी जी और मोदी जी सभी साथ आकर उसका सम्मान करेंगे।
"शंकराचार्य की चारों पीठ किसी व्यक्ति की बपौती नहीं, बल्कि सनातन की पंचायती पीठ हैं, जिन पर निर्णय धर्मसंतों, विद्वानों और साधु-संतों द्वारा सामूहिक रूप से लिया जाता है।"
विवाद पैदा करना आचार्य पीठों का कार्य नहीं है।
संत समाज की एकता का आह्वान
अंत में उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वानंद से अपील की कि "वे इस बवाल को समाप्त कर केवल सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार पर ध्यान दें—इसी में पूरे देश और हिन्दू समाज का कल्याण है।" बोले— योगी आदित्यनाथ को नुकसान पहुंचाने के लिए रचा गया प्रोपेगेंडा, संत समाज को एकजुट रहना चाहिए।
रामधाम मंदिर पर बनेगा भव्य सिंहद्वार
इस अवसर पर रामधाम सेवा आश्रम के मुख्य पुजारी श्री लक्ष्मणदास जी महाराज ने बताया कि:
- रामधाम सेवा आश्रम ट्रस्ट द्वारा रामधाम मंदिर के मुख्य द्वार पर भव्य सिंहद्वार का निर्माण किया जाएगा।
- इसका कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा।

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